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वनटांगिया परिवारों संग दीपावली मनाएंगे मुख्यमंत्री योगी, 82.41 करोड़ की देंगे सौगात
सांसद रहते शुरू की थी परंपरा, मुख्यमंत्री बनने के बाद भी हर साल पहुंचते हैं जंगल तिकोनिया नंबर तीन
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को दीपावली की खुशियां साझा करने कुसम्ही जंगल स्थित वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री हर साल इस गांव में वनटांगिया परिवारों के साथ दीपावली मनाते हैं। उनके आगमन को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है। ग्रामीण अपने घरों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट में जुटे हैं। प्रशासन ने भी स्वागत और आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्यमंत्री इस अवसरपर 82.41 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें वनटांगिया गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली इंटरलॉकिंग सड़क, कुसम्ही जंगल में ईको पार्क और पिपराइच में वैश्विक नगर बाजार का निर्माण प्रमुख है। गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी और सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया परिवारों के साथ दीपावली मनाने की परंपरा शुरू की थी, जिसे मुख्यमंत्री बनने के बाद भी जारी रखा है।
एक सदी तक नागरिक सुविधाओं से वंचित रहा वनटांगिया समुदाय
ब्रिटिश शासनकाल में रेलवे स्लीपर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर साखू के पेड़ों की कटाई की गई थी। जंगलों को दोबारा विकसित करने के लिए गरीब भूमिहीन मजदूरों को वन क्षेत्रों में बसाया गया। इसके लिए म्यांमार की टांगिया पद्धति अपनाई गई। इसी पद्धति से जंगलों में पौधों की देखभाल करने वाले लोग वनटांगिया कहलाए। वर्ष 1918 में कुसम्ही जंगल के पांच क्षेत्रों में इनकी बस्तियां बसाई गईं।
देश की आजादी के बाद भी वनटांगिया समुदाय लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं और नागरिक अधिकारों से वंचित रहा। जंगल में रहने वाले इन परिवारों के सामने बेदखली का खतरा बना रहता था। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से शुरू हुआ बदलाव
Read More संतों ने की योगी सरकार की सराहना, बोले- मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुरक्षित है धर्म और संस्कृतिवर्ष 1998 में गोरखपुर से सांसद बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया बस्तियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयास शुरू किए। वर्ष 2003 से जंगल तिकोनिया नंबर तीन में इस दिशा में काम शुरू हुआ। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं और गुरु श्री गोरक्षनाथ अस्पताल की मोबाइल मेडिकल सेवा के माध्यम से ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
वनटांगिया बच्चों की शिक्षा के लिए वर्ष 2009 में गांव में अस्थायी विद्यालय का निर्माण कराया गया। वन विभाग की आपत्ति और मुकदमे के बावजूद प्रयास जारी रहे। आज गोरक्षनाथ हिंदू विद्यापीठ के नाम से संचालित विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करा रहा है।
राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की दिशा में कदम उठाए। इससे समुदाय के परिवारों को आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, राशन, रसोई गैस और पेंशन जैसी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुला। गोरखपुर और महराजगंज के वनटांगिया गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ। बच्चों को विद्यालयों में शिक्षा मिलने लगी और परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया।
जंगल तिकोनिया नंबर तीन निवासी रामगणेश बताते हैं कि पहले समुदाय के लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देता था। उनके मुताबिक, योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से गांव में पक्के मकान, शौचालय, बिजली, खेती के लिए जमीन और बच्चों के लिए स्कूल जैसी सुविधाएं मिली हैं। वह कहते हैं कि अब गांव के लोगों को दीपावली पर मुख्यमंत्री के आने का इंतजार रहता है और उनके बिना त्योहार अधूरा लगता है।
52 परियोजनाओं से विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री 82.41 करोड़ रुपये की कुल 52 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 77.97 करोड़ रुपये की 26 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 4.43 करोड़ रुपये की 26 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है। रजही चौराहे से जंगल तिकोनिया नंबर तीन होते हुए पिपराइच मार्ग तक इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित है। इस पर करीब 3.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे वनटांगिया परिवारों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
कुसम्ही जंगल में बनेगा ईको पार्क, पिपराइच को मिलेगा बाजार
दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री कुसम्ही जंगल में 4.84 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले ईको पार्क और पिपराइच नगर पंचायत में 1.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वैश्विक नगर बाजार का शिलान्यास करेंगे। ईको पार्क में पर्यटकों के लिए स्विस कॉटेज सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं, वैश्विक नगर बाजार के निर्माण से स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


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