सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्रीय एकता मजबूत करने का लें संकल्प: केशव मौर्य
राष्ट्रीय एकता दिवस पर उप मुख्यमंत्री ने लौहपुरुष को पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन, ‘रन फॉर यूनिटी’ को बताया राष्ट्रभावना मजबूत करने का माध्यम
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को अपने सरकारी आवास 7, कालिदास मार्ग पर लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश और देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और समरसता को मजबूत बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और दूरदर्शिता के बल पर सैकड़ों रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में देश की एकता, आंतरिक सुरक्षा और अखंडता को मजबूत बनाने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। किसानों के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण से आज भी देश प्रेरणा लेता है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने विविधता में एकता की भावना को मजबूत करते हुए संगठित और सशक्त भारत की नींव रखी। राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
केशव मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल की स्मृतियों को संजोने और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। गुजरात में स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ उनके व्यक्तित्व, संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से जीवन में एक बार स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण करने और सरदार पटेल के योगदान से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ जैसे कार्यक्रम लोगों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी भारत के निर्माण में योगदान दिया जाएगा।


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