तीन साल से देवस्थान की जमीन पर कथित कब्जा, आखिर क्यों बेबस है हर्रैया तहसील प्रशासन?

दो दर्जन से अधिक आईजीआरएस शिकायतों के बाद भी नहीं मिला समाधान, राजस्व विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

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हर्रैया, बस्ती। IMG20260802165557 जो राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
 
मामला ग्राम पंचायत महादेवरी के राजस्व गांव गंगापुर स्थित गाटा संख्या 183 का है। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित राजस्व अभिलेखों में यह भूमि देवस्थान के रूप में दर्ज है और इसका रकबा 25 हेक्टेयर बताया गया है। आरोप है कि उक्त भूमि पर पिछले तीन वर्षों से तारक नारायण नामक व्यक्ति का कब्जा है। हालांकि, भूमि के अभिलेखों और कब्जे की स्थिति की आधिकारिक जांच आवश्यक है।
 
⚡ दो दर्जन से अधिक शिकायतें, फिर भी न्याय का इंतजार!
 
शिकायतकर्ता का दावा है कि देवस्थान की भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से दो दर्जन से अधिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक जमीन खाली नहीं कराए जाने का आरोप है।
 
सवाल यह है कि जब बार-बार शिकायतें की जा रही हैं, तो उनके निस्तारण की वास्तविक स्थिति क्या है? क्या मौके पर निष्पक्ष जांच हुई? यदि हुई, तो उसके आधार पर क्या कार्रवाई की गई?
 
हल्का लेखपाल पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
 
इस प्रकरण में हल्का लेखपाल मनीष श्रीवास्तव पर शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत के निस्तारण में गलत रिपोर्ट लगाई गई, उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा ₹5,000 की मांग की गई।
 
ये आरोप अभी स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हैं। ऐसे में जिला प्रशासन से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
 
आखिर तीन साल से क्यों नहीं हो रही निर्णायक कार्रवाई?
 
देवस्थान की भूमि से जुड़ा यह मामला कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है—
 
 क्या राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि की मौके पर जांच कराई गई?
 
 दो दर्जन से अधिक शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा किस अधिकारी ने की?
 
यदि रिपोर्ट गलत पाई जाती है, तो जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई कब होगी?
 
देवस्थान की भूमि पर अवैध कब्जा प्रमाणित होने की स्थिति में उसे नियमानुसार कब्जामुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों का जवाब और कार्रवाई की स्थिति सामने आना जरूरी है।
 
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
 
शिकायतकर्ता अनिल कुमार शुक्ल ने जिला प्रशासन एवं हर्रैया तहसील के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा हो तथा देवस्थान की भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जमीन पर अवैध कब्जा प्रमाणित होता है, तो उसे नियमानुसार कब्जामुक्त कराया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
 
अब मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा मामला?
 
शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की शिकायत करेंगे।अब निगाहें जिला प्रशासन और तहसील के उच्चाधिकारियों पर हैं। क्या अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर देवस्थान की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, या फिर शिकायतकर्ता को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा?
 
 
 

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