पांच दिवसीय कोटवा मानस सम्मेलन का भव्य समापन 

 संगीतमय प्रवचन से बांधा समां पांच दिनों तक भक्ति रस में सराबोर रहा कोटवा। 

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स्वतंत्र प्रभात।
 
ब्यूरो प्रयागराज 
 
 
 कोटवा ग्रामसभा में आयोजित 37वें पांच दिवसीय भव्य मानस सम्मेलन का शनिवार को श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। श्री रामचरितमानस प्रचारिणी समिति कोटवा के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में पांच दिनों तक रामकथा की अमृतमयी वर्षा हुई। संगीतमय प्रवचनों और मानस के भावपूर्ण प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
स्वामी श्री युवराज सुदर्शनाचार्य जी महाराज (दुर्वासा आश्रम) की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में मानस मधुकर दिनेश त्रिपाठी ने अपनी संगीतमय शैली में श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों की भावपूर्ण व्याख्या की। उन्होंने रामचरितमानस में निहित आदर्शों, मर्यादा, धर्म, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया। कथा के दौरान भजन और संगीतमय प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। पांच दिनों तक कथा प्रांगण में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
समापन अवसर पर आयोजन समिति की ओर से सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी क्षेत्रवासियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। 
 
सम्मेलन की जानकारी संचालक कृष्णकांत उपाध्याय ने दी। वहीं समिति के संयोजक डॉ. राघवेंद्र मालवीय ने क्षेत्रवासियों की सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजन में अमरेंद्र नाथ बाजपेई, राजन यादव, हिन्दराज सिंह, शारदा प्रसाद मिश्र, समीर रंजन, लालजी बाजपेयी, राजीव बाजपेई, तरुण राज सिंह और हौसला प्रसाद यादव सहित अन्य लोगों की उपस्थिती रहा।
 
 
 

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