बाल निकेतन की शाखाओं में गांधी-शास्त्री जयंती पर विविध कार्यक्रम
विभिन्न शाखाओं में विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्यों ने महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।
लखनऊ/सीतापुर। बाल निकेतन विद्यालय की गायत्री नगर, हरिओम नगर और बेलसापुर-अटरिया शाखाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ निबंध, चार्ट, भाषण और नाटक प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। विभिन्न शाखाओं में विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्यों ने महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।
बेलसापुर-अटरिया शाखा में कार्यक्रम:
बाल निकेतन विद्यालय बेलसापुर शाखा में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक कुबेर सिंह यादव ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी तथा महान आदर्शवादी थे। उनके विचारों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से गांधीजी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। लालबहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और ईमानदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्री जैसे नेता देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इस अवसर पर शिक्षक हरीश कुमार यादव, पूजा सिंह, रिया सिंह, अंशू सिंह और क्षमा सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने देशभक्ति पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। इसमें निशांत कक्षा छह, कामिनी कक्षा सात, सूर्यांश कक्षा तीन, अंकित, अभिषेक व आशीष कक्षा पांच, माही यादव व नंदिनी कक्षा छह तथा पवन यादव कक्षा सात ने भाग लिया। कक्षा एक के अभिषेक ने भाषण प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों के कार्यक्रमों का अभिभावकों ने उत्साहवर्धन किया।
हरिओम नगर शाखा में रंगारंग प्रस्तुतियां:
बाल निकेतन इंटर कॉलेज हरिओम नगर, सीतापुर रोड में प्रधानाचार्य विजय पाल सिंह ने गांधीजी और लालबहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुष सादगी, सत्य और अहिंसा के प्रतीक थे। उनके जीवन से वर्तमान पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और गांधीजी के विचार आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं।
विद्यार्थियों ने महापुरुषों एवं विभिन्न धर्मों की वेशभूषा में प्रस्तुतियां दीं। सौरभ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ध्रुव मिश्रा ने महात्मा गांधी, सौरभ ने लालबहादुर शास्त्री, अर्पित गौर ने लाला लाजपत राय, गौरी कश्यप ने रानी लक्ष्मीबाई, वंश वर्मा ने चंद्रशेखर आजाद, आकाश पाल ने जवाहरलाल नेहरू, उम्मे हबीबा ने सरोजिनी नायडू, इनायत ने इंदिरा गांधी तथा मानस ने सैनिक की भूमिका निभाई। इसके अलावा विद्यार्थियों ने विभिन्न पारंपरिक परिधानों में भी प्रस्तुतियां दीं।
निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। चार्ट प्रतियोगिता में स्नेहा, मानवी शुक्ला, चांदनी निषाद, मोहित, राशि, कुसुम कश्यप, शिवानी, आंचल और साहिल ने हिस्सा लिया। भाषण प्रतियोगिता में नैना यादव, अलीना, समर अंसारी, दिव्यांशी त्रिवेदी, सलोनी और दीप्ति कश्यप ने प्रतिभाग किया।
गायत्री नगर शाखा में सांस्कृतिक कार्यक्रम:
बाल निकेतन इंटर कॉलेज की मुख्य शाखा गायत्री नगर में प्रधानाचार्य रेखा रानी अवस्थी ने गांधीजी और लालबहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधीजी सत्य और अहिंसा के मार्ग के प्रबल समर्थक थे, जबकि लालबहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। विद्यार्थियों से दोनों महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।
विद्यार्थियों ने देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। आजान और माहिरा खान ने सैनिक, उमैर ने चाचा नेहरू, शिवांग ने गांधीजी, जिशा ने रानी लक्ष्मीबाई, तान्या और सृष्टि ने राधा तथा दिव्यांशी ने गांधीजी की भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने ‘प्रदूषण’ विषय पर नाटक भी प्रस्तुत किया, जिसमें आरोही शर्मा, रिया रावत, दिव्यांशी कश्यप, अर्पित शर्मा, जागृति और रिद्धि सैनी ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश निषेध विभाग की ओर से जिला आबकारी अधिकारी नीतू वर्मा ने नशा उन्मूलन से संबंधित प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। आध्यात्मिक प्रस्तुतियों में कक्षा छह की कंचन ने काली माता, कक्षा सात की श्रद्धा ने दुर्गा माता और कक्षा सात की काजल ने सरस्वती माता का रूप प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने तालियों से सराहा।
कार्यक्रमों में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न शाखाओं में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को गांधीजी और लालबहादुर शास्त्री के विचारों, सादगी, सत्य, अहिंसा और देशसेवा के मूल्यों से परिचित कराया गया।


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