आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम, अमेठी में हुआ भव्य कार्यक्रम

मुख्यमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ, कर्मचारियों को मिली अनेक महत्वपूर्ण सौगातें

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अमेठी। प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित, पारदर्शी और सम्मानजनक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ के साथ कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गईं। इसी क्रम में जनपद अमेठी के जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (डीपीआरसी), गौरीगंज में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, जिलाधिकारी संजय चौहान तथा पुलिस अधीक्षक सरवणन टी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेश सरकार की नई आउटसोर्स नियमावली एवं कर्मचारियों के हितों से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के साथ-साथ कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के हितों के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
 
उन्होंने कहा कि सुशासन की पहली शर्त संवेदनशीलता है। यदि कोई कर्मचारी दिन-रात मेहनत करता है तो उसके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता ही हमारी पहचान बननी चाहिए, तभी स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र की स्थापना संभव हो सकेगी। नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों, सुरक्षा और पारदर्शिता की गारंटी सुनिश्चित की जाएगी।
 
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित प्रमुख प्रावधानों में प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच कर्मचारियों के मानदेय का अनिवार्य भुगतान, सभी नए एवं पुराने कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई खाते खोलना तथा उनके बैंक खातों में सीधे भुगतान की व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा मनमानी एवं असमान कमीशन प्रणाली को समाप्त कर एकीकृत और पारदर्शी तंत्र विकसित किया जाएगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण संबंधी नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
 
नई व्यवस्था के अनुसार कोई भी एजेंसी विभाग एवं यूपीसीओएस की सहमति के बिना किसी कर्मचारी को सेवा से नहीं हटा सकेगी। सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का यूपीसीओएस में माइग्रेशन किया जाएगा तथा उन्हें विशिष्ट यूनिक कोड एवं पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों की कार्यक्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक अवसर लेकर आया है।
 
उन्होंने कहा कि यदि किसी सेवा प्रदाता संस्था द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जाता है तो नया निगम उनकी शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी मंच के रूप में कार्य करेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि निगम के गठन से प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित व्यवस्थाओं में एकरूपता आएगी। इससे विभिन्न विभागों में मानदेय, सुविधाओं एवं सेवा शर्तों को लेकर उत्पन्न होने वाली विसंगतियां और विवाद समाप्त होंगे तथा कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा और सम्मान प्राप्त होगा।
 
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी द्वारा श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए गए। इसके साथ ही नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा एवं कार्य उपयोगी किट प्रदान की गई।

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