नवीनतम
फीचर्ड
सरकार फंड की कमी नहीं होने का दावा कर रही, सरकारी कर्मी बोले—फंड आया ही नहीं
सरकारी दावे और जमीनी हकीकत में अंतर! वेतन के लिए चार माह से फंड का इंतजार
धनरुआ। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी कर्मियों के वेतन में किसी तरह की परेशानी नहीं होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर धनरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में NHM के तहत कार्यरत एएनएम को चार माह से प्रथम वेतन का भुगतान नहीं होने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि वेतन भुगतान में देरी की वजह अस्पताल प्रभारी ने फंड उपलब्ध नहीं होने को बताया है।चार माह से वेतन नहीं मिलने से एएनएम आर्थिक परेशानी का सामना कर रही हैं।
इसको लेकर एएनएम के एक समूह ने अस्पताल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर लंबित वेतन के भुगतान की मांग की है। आवेदन में कर्मियों ने बताया है कि वे नियुक्ति के बाद से नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।मामले में अस्पताल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फंड की कमी के कारण अभी एएनएम का भुगतान नहीं हो पाया है। फिलहाल फंड आया नहीं है। फंड प्राप्त होने के बाद सभी संबंधित एएनएम के लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार की ओर से सरकारी योजनाओं और कर्मियों के भुगतान के लिए पर्याप्त व्यवस्था होने के दावे किए जाते हैं, तो जमीनी स्तर पर चार माह से वेतन के लिए इंतजार कर रही इन महिला स्वास्थ्यकर्मियों को भुगतान के लिए फंड का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? अब एएनएम को फंड आने और अपने लंबित वेतन के भुगतान का इंतजार है।


Comments