भारत
अवैध क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी
मरीजों का टिन के चदरे के नीचे चल रहा था इलाज
सुपौल। जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के बाजार स्थित एक हीरो शोरूम के सामने संचालित कथित अवैध क्लिनिक पर गुरुवार की शाम स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम को देखते ही कथित झोलाछाप चिकित्सक और कंपाउंडर मौके से भाग निकले। अचानक हुई कार्रवाई से क्लिनिक में अफरा-तफरी मच गई।
छापेमारी के दौरान टीम ने क्लिनिक की बारीकी से जांच की। इस दौरान वहां मरीजों का इलाज होता मिला। क्लिनिक की स्थिति देखकर टीम भी कुछ देर के लिए हैरान रह गई। टिन के चदरे से बने अस्थायी कमरे में मरीजों का इलाज किया जा रहा था। टीम ने इलाजरत मरीजों से पूछताछ करने के साथ-साथ क्लिनिक से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए।
जांच के दौरान टीम को जानकारी मिली कि क्लिनिक का संचालन कथित रूप से शंभू कुमार द्वारा किया जा रहा था। स्थानीय स्तर पर बताया गया कि उक्त क्लिनिक लंबे समय से संचालित हो रहा था, जहां लगातार मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान क्लिनिक में मौजूद मरीजों में कुमारखंड थाना क्षेत्र के भोकराहा निवासी 25 वर्षीय मनीषा कुमारी, पति आशीष कुमार, गर्भावस्था के इलाज के लिए पहुंची थीं। वहीं पिपरा थाना क्षेत्र के छिट दुवयाही वार्ड संख्या-19 निवासी 30 वर्षीय गुलशन खातून, पति मोहम्मद जमाल, वायरल फीवर के इलाज के लिए वहां मौजूद थीं। इसके अलावा मेढ़िया, त्रिवेणीगंज निवासी रंजन देवी, पति विंदेश्वरी यादव भी वायरल फीवर के इलाज के लिए क्लिनिक में मिलीं।
Read More 80वें स्वतंत्रता दिवस पर कानपुर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, बाइक रैली में दिखा देशभक्ति का उत्साहइस संबंध में अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ अभियान के तहत जांच की जा रही है। गुरुवार को बाजार स्थित एक क्लिनिक की जांच की गई है। जांच के दौरान कई साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Read More नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय बोले : भाजपा के दबाव में मदरसा गिराया गया : सपा प्रदर्शन करेगीस्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लंबे समय से संचालित कथित अवैध क्लिनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।


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