विश्व ओपन ताइक्वांडो में सिद्धार्थनगर के चार खिलाड़ियों ने दिखाया दम, तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीते

जिले के शोहरतगढ़ की मिट्टी से निकले दृढ़ संकल्पित खिलाड़ियों ने कोच बजरंगी राजपूत के मार्गदर्शन में विश्व मंच पर पहुंचकर इतिहास रच डाला।

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
 
सिद्धार्थनगर।
 
जिले के शोहरतगढ़ की मिट्टी से निकले दृढ़ संकल्पित खिलाड़ियों ने कोच बजरंगी राजपूत के मार्गदर्शन में विश्व मंच पर पहुंचकर इतिहास रच डाला। शोहरतगढ़ ताईक्वांडो एकेडमी के चार खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक एवं एक रजत पदक जीतकर शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश और भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। भारत देश के हैदराबाद में 21 अगस्त से 23 अगस्त को आयोजित हुये विश्व ओपन ताइक्वांडो चैंपियनशिप में अमेरिका, रूस, जापान, चीन कोरिया, नेपाल, जर्मनी , फ्रांस आदि सहित 24 देश के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।  जिसमें जनपद सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ से खिलाड़ी सौम्य प्रताप सिंह, अंकिता कनौजिया, प्रिंस व महक चौधरी ने ताइक्वांडो कोच बजरंगी राजपूत के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभा किया। सीमित संसाधनों के बाद भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर  प्रतिभा का प्रदर्शन कर  प्रतिभावान खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण एक रजत पदक की जीत हासिल की। खिलाड़ी सौम्य प्रताप सिंह स्वर्ण पदक , प्रिंस स्वर्ण पदक , महक चौधरी स्वर्ण पदक व अंकिता कन्नौजिया रजत पदक हासिल किया। खिलाड़ी सौम्य प्रताप सिंह का पहला मुकाबला जिम्बाब्वे व दूसरा मुकाबला कनाडा के खिलाड़ियों से हुआ जिसमें उन्होंने जीत हासिल कर स्वर्ण पदक पाया। इसी तरह प्रिंस का पहला मुकाबला रूस व दूसरा मुकाबला मलेशिया से होने के बाद उन्हें स्वर्ण पदक मिला। खिलाड़ी महक चौधरी पहला मुकाबला दक्षिण कोरिया व दूसरा मुकाबला नेपाल से होने के बाद वे भी स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब हुये। बांग्लादेश से हुये मुकाबले में खिलाड़ी अंकिता कन्नौजिया ने रजत पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
 
क्षेत्र के अहिरौला गांव निवासी खिलाड़ी प्रिंस के प्रशिक्षण अभ्यास की कहानी मार्मिक है। पिता लिवर कैंसर से पीड़ित हैं। फिर भी पिता ने विपरीत परिस्थितियों में भी बेटे के रुचि और प्रतिभा का अंदाजा लगाकर उसके हिम्मत को बढ़ाया। बेटा परिवार व देश के लिये कुछ करने की इच्छा लेकर आगे बढ़ रहा है। उनकी उपलब्धि से परिवार काफी खुश है।
 
इसी तरह खिलाड़ी अंकित कनौजिया नगर पंचायत शोहरतगढ़ की रहने वाली है। पांच वर्षों से प्रशिक्षण लेने के बाद एक जगह मुंशी के रूप में कार्यरत पिता की आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक होने के बावजूद लगातार अभ्यासरत रही। सीमित आय के बावजूद पिता ने बेटी के खेल के रुचि को ध्यान में रखते हुए उसके सपने को पूरा करने में सहयोग दिया। शोहरतगढ़ की रहने वाली महक चौधरी भी दो वर्षों के कठिन परिश्रम के प्रशिक्षण के बाद विश्व मंच पर पहुंच कर नाम रोशन किया।
 
पड़ोसी जनपद बलरामपुर के रहने वाले सौम्य प्रताप सिंह ने दोस्त खिलाड़ी प्रिंस के साथ लगातार अभ्यास रत व प्रशिक्षण लेते रहे। अपने प्रतिभा और रुचि से जिला प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाता कर गौरव हासिल किया। कुछ दिनों पहले आंध्र प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीत चुके हैं उन्होंने जनपद टीम के साथ शामिल होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
 
अब उन्हें विश्व चैंपियनशिप में भी पहुंचने का मौका तो स्वर्णपदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इन खिलाड़ियों के सफलता के पीछे शोहरतगढ़ ताईक्वांडो एकेडमी के कोच बजरंगी राजपूत का वर्षों का अथक प्रयास,  बेहतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन व एकेडमी अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह व सहयोगी नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रवि अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा है। खेल के प्रति जुनून ,समर्पण और बच्चों के सुनहरे भविष्य सपना लेकर वे कुछ बेहतर करने के लिये प्रयासरत हैं।
 
शोहरतगढ़ के सरजमीं पर उभरते, निखरते ताइक्वांडो खिलाड़ियों की सफल से लोगों में खुशी हैं।

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