खजनी में अपराध के मामलों को लेकर दीपक यादव उर्फ नंगा चर्चा में, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल !
दीपक उर्फ नंगा पर ख़जनी व हरपुर बुदहट थाना में अब आठ मुकदमे दर्ज
रिपोर्टर/रामअशीष तिवारी (ख़जनी तहसील)
ख़जनी /गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र में रावत डॉडी निवासी दीपक यादव उर्फ नंगा यादव का नाम पिछले कुछ समय से दर्ज आपराधिक मुकदमों को लेकर चर्चा में है। उसके खिलाफ खजनी सहित आसपास के थानों में विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। गंभीर प्रकृति के मामलों में नाम सामने आने के बावजूद उसके बेखौफ रहने को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, किसी भी मामले में दोष सिद्ध होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करता है।
हाल में एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किए जाने का मामला भी सामने आया है। इस प्रकरण में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ लगातार आपराधिक मामलों में नाम सामने आ रहा है तो पुलिस की कार्रवाई कितनी प्रभावी है और पुराने मामलों की विवेचना किस स्थिति में पहुंची है।
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कई मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बाद कार्रवाई की गति धीमी पड़ जाती है। ऐसे में पुलिस को पुराने और नए सभी मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन मामलों में विवेचना पूरी हो चुकी है, किनमें आरोपपत्र दाखिल हुआ है और किन मामलों में कार्रवाई अभी लंबित है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार दीपक यादव उर्फ नंगा के नाम से खजनी थाने में मुकदमा संख्या 0272/2026, 0131/2026, 0143/2025, 0206/2022, 0404/2024 और 0412/2024 दर्ज होने का उल्लेख है। इसके अलावा 0101/2026 थाना हरपुर बुदहट तथा 0197/2019 से संबंधित मुकदमे का भी रिकॉर्ड बताया जा रहा है। इनमें एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के शामिल होने की बात कही गई है। इन मुकदमों की वास्तविक स्थिति और धाराओं की पुष्टि पुलिस अभिलेख से होना जरूरी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि इतने मामलों में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने अब तक क्या प्रभावी कार्रवाई की है? क्या पुराने मुकदमों में आरोपपत्र दाखिल हो चुके हैं, क्या न्यायालय में सुनवाई चल रही है और हालिया चाकू हमले के मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं? इन सवालों के जवाब खजनी पुलिस की कार्रवाई से ही सामने आएंगे।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि पुलिस सभी संबंधित मुकदमों की स्थिति सार्वजनिक करते हुए कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई करे, ताकि अपराधियों में कानून का भय कायम रहे और आम लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत हो।


Comments