बेटी के जन्म पर गूंजे ढोल-नगाड़े

फूलों से सजी गाड़ी में हुई नन्ही अस्मिता की विदाई

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
Published On

मसौढ़ी। राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने ऐसा जश्न मनाया कि अस्पताल परिसर खुशी से सराबोर हो गया। पुनपुन थाना क्षेत्र के पैमार घाट निवासी अंशु कुमार की पत्नी अमितांजली कुमारी ने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म की खुशी में परिजनों ने अस्पताल में मिठाइयां बांटी और ढोल-नगाड़ों के बीच फूल-मालाओं से सजी गाड़ी से नवजात को घर ले गए।परिजनों ने बच्ची का नाम अस्मिता भारती रखा है। अमितांजली कुमारी की यह पहली डिलीवरी थी। उनके पिता दिलीप रविदास, निवासी लखनौर बिदौली, मसौढ़ी, उन्हें प्रसव के लिए मसौढ़ी पीएचसी लेकर पहुंचे थे। बेटी के जन्म की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।परिजन मनोज रविदास ने कहा, “हमारे घर में नन्ही परी का आगमन हुआ है। पहली संतान बेटी होने पर हम सभी बेहद उत्साहित हैं। बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं करना चाहिए। बेटियां लक्ष्मी का रूप होती हैं।”
पीएचसी में माता-पिता का सम्मान
बेटी के जन्म को खास बनाने में अस्पताल प्रबंधन ने भी पहल की। पीएचसी के पदाधिकारियों और कर्मियों ने नवजात के माता-पिता को फूल देकर सम्मानित किया। साथ ही बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र भी तत्काल बनाकर परिजनों को सौंप दिया गया। अस्पताल कर्मियों और वहां मौजूद अन्य प्रसूताओं के परिजनों ने भी नवजात और उसकी मां को आशीर्वाद दिया।अस्पताल के एक कर्मी ने कहा कि पहले समाज में बेटा और बेटी के बीच भेदभाव देखने को मिलता था, लेकिन अब बदलाव दिखाई दे रहा है। बेटी के जन्म पर परिवार का इस तरह खुशी मनाना सकारात्मक संदेश है। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म पर ऐसा उत्सव ही समाज में बदलाव की असली तस्वीर है।इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधक ललन कुमार सिंह समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सभी ने नवजात अस्मिता के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें