सड़क निर्माण की मांग पर किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी
........नाप के बाद भी वार्ता बेनतीजा, किसानों ने कहा-डामरीकरण शुरू होने तक नहीं उठेगा धरना
लखनऊ। नगराम क्षेत्र की जर्जर सड़कों के निर्माण और डामरीकरण की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों का धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। किसानों से वार्ता करने पीडब्ल्यूडी, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम धरना स्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने पहले तीनों मार्गों की पैमाइश कराई, इसके बाद किसानों से वार्ता की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि सड़कों पर काम शुरू होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सूर्य मनी मिश्रा, अरविंद कुमार मांझी, अवर अभियंता संजय कुमार सर्वेयर के साथ तथा वन विभाग के सहायक अभियंता देवेश कुमार अपनी टीम के साथ नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर ने अधिकारियों से पहले सड़कों की पैमाइश कराने की मांग रखी। इसके बाद टीम ने कुबहरा से कमलापुर-विचिलखा मार्ग की नाप शुरू की।
पैमाइश पूरी होने के बाद अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे तो संगठन के प्रदेश महासचिव दिनेश यादव ने दो अन्य मार्गों की भी नाप कराने की मांग रखी। इसके बाद टिकरा चौराहे से नेवाजखेड़ा खड़ंजा मार्ग और देवीखेड़ा पुलिस चौकी से रामबक्सखेड़ा मार्ग की भी पैमाइश कराई गई।
तीनों मार्गों की नाप पूरी होने के बाद पीडब्ल्यूडी, वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने किसानों के साथ वार्ता की। किसानों ने सड़क निर्माण में आ रही विभागीय अड़चनों को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। वन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी करने को लेकर भी चर्चा हुई।
संगठन के मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह ने कहा कि धरने के पहले दिन वन विभाग के अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर एनओसी जारी कराने का आश्वासन दिया था। इस पर सहायक वन अधिकारी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि हर हाल में एक सप्ताह के भीतर एनओसी जारी कराने की कार्रवाई की जाएगी। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि वन विभाग की अनुमति मिलते ही तीनों सड़कों का स्टीमेट तैयार कराकर जल्द डामरीकरण कराया जाएगा।
अधिकारियों ने किसानों से धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन किसानों ने इसे स्वीकार नहीं किया। किसानों ने कहा कि वर्षों से खराब पड़ी सड़कों के लिए केवल आश्वासन काफी नहीं है। जब तक मौके पर डामरीकरण का काम शुरू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद वार्ता बेनतीजा रही और किसानों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
धरने में प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर, प्रदेश महासचिव दिनेश यादव, मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव, जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार, जिला उपाध्यक्ष रामकुमार, साहबदीन फौजी, रामप्रसाद फौजी, सुरेंद्र कुमार यादव, अरविंद कुमार, रामकुमार प्रधान पति, केशवराम लोधी, रामकिशोर, रामपाल राजपूत, पुनवासी, शिवराज सिंह और राजलाल समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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