कोटारनाथ धाम में नदी किनारे बन रहे सार्वजनिक शौचालय पर उठे गंभीर सवाल, मानकों की अनदेखी का ग्रामीणों ने लगाया आरोप

प्रवीण तिवारी Picture
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मीरजापुर। 

मीरजापुर। हलिया क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कोटारनाथ धाम परिसर में नदी के किनारे बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालय के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए जा रहे इस

 

शौचालय के निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शौचालय निर्माण के लिए जिस प्रकार से गड्ढे और आधार का निर्माण किया जाना चाहिए, मौके पर वैसी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। लोगों का कहना है कि न तो सही तरीके से गड्ढा तैयार किया गया है और न ही निर्माण में उचित गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती और भविष्य में इसकी

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उपयोगिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। नदी के बिल्कुल किनारे सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होने के कारण स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां निर्माण के साथ-साथ गंदे पानी की निकासी और अपशिष्ट प्रबंधन की उचित व्यवस्था भी बेहद जरूरी है, लेकिन निर्माण स्थल पर इन व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में केवल खानापूर्ति की जा रही है और कार्य को पूरा दिखाकर धन निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है

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कि जिस स्थान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग पहुंचते हैं, वहां सार्वजनिक शौचालय की सुविधा निश्चित रूप से आवश्यक है, लेकिन सुविधा के नाम पर यदि घटिया निर्माण किया जाता है तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ-साथ लोगों की परेशानी का कारण भी बन सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किसी संस्था के माध्यम से कराया जा रहा है, लेकिन संस्था द्वारा निर्माण में किन मानकों और तकनीकी नियमों का पालन किया जा रहा है

कोटारनाथ धाम में नदी किनारे बन रहे सार्वजनिक शौचालय पर उठे गंभीर सवाल, मानकों की अनदेखी का ग्रामीणों ने लगाया आरोप

, इसकी जानकारी लोगों को नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच मौके पर किसी सक्षम तकनीकी अधिकारी से कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में निर्धारित मानक के अनुसार सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं और शौचालय के लिए बनाए जा रहे गड्ढे की गहराई एवं संरचना नियमानुसार है या नहीं। लोगों ने यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने

 

वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ निर्माण की पूरी प्रक्रिया की जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालय में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मौके का स्थलीय निरीक्षण कराने और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण की जांच

 

नहीं हुई तो बाद में निर्माण पूरा होने के बाद गुणवत्ता संबंधी खामियों को दूर करना मुश्किल हो सकता है और सरकारी धन का नुकसान भी हो सकता है। फिलहाल निर्माण कार्य को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित संस्था अथवा विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में जांच कराकर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देता है या फिर शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य इसी तरह चलता रहता है।

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