जो पूरा खानदान अपराधी और माफिया गिरी में सल्लिप्त हो वह सुरक्षा का घड़ियाली आंसू बहा रहा है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक उदय भान करवरिया का विस्फोटक इंटर व्यू।
स्वतंत्र प्रभातप्रयागराज के ब्यूरो चीफ दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।
पुरानी फिल्म वक्त में मशहूर डायलॉग था की चुनाई सेठ जिसके घर स्वयं कांच के हो वे दूसरे केघर पर पत्थर नहीं मारते।इसी डायलॉग की तर्ज पर आधारित यह विस्फोटक इंटर व्यू पूर्व विधायक और भाजपा केवरिष्ठ नेता उदयभान करवरिया जी से शुरू किया गया। जिन्होंने समाजवादी पार्टी के विधायक विजमा यादव के लगाए गए आरोपों पर दिया है।
जनता दरबार में अपने आवास पर सैकड़ो की भीड़ में घिरे जब उदयभान करवरिया जी से यह सवाल किया गया की समाजवादी पार्टी के विधायक ने सदन में मुख्यमंत्री से अपने लिए न्याय की गुहार लगाईहै और यह आरोप लगाया है कि 1996 में उनके पति पूर्व विधायक जवाहर पंडित की हत्या एक-47 से करवरिया बंधुओ ने दिनदहाड़े किया था ।लेकिन सरकार ने अच्छी चाल चलन का हवाला देकर अदालत से सजा भुगत रहे उदय भान करवरिया
को बरी कर दिया और वह बाहरहैं। जिससे उनके परिवार को सुरक्षा का खतरा उत्पन्न हो गया है ।
इस का तत्काल जवाहुएदेते हुए करवरिया ने कहा की झूसी में 2005 में गणेश यादव पर एक-47 से जो आक्रमण हुआ था और उसमें दो लोग मारे गए थे वह किसने चलाया था ।उस मामले में बिज्मा यादव सहित उनके भाई राम लोचन यादव अभियुक्त थे और पुलिस ने उनको गिरफ्तार करके जेल भी भेजा था।लेकिन बिरादरी के प्रभाव से समझौता कर के जमानत पर है लेकिन अदालत में आज भी वह हत्याकांड पेंडिंग मे है ।
1 4 मुकदमे डकैती लुट जैसे संगीन धाराओं सहित है
करवरिया जी ने उल्टे विजमा से सवाल किया इस इस हत्याकांड के बारे में विधायक क्यों नहीं बताती। यही नहीं इनका पूरा परिवार आपराधिक मामलो में घिरा पड़ा है।जिसमे स्वयं विजमा यादव विधायक के ऊपर पांच मुकदमे हत्या सहित संगीन धाराओं के दर्ज है इनके भाई राम लोचन यादव के ऊपर कुल 45 संगीन धाराओं के मुकदमे दर्ज है जिसमें हत्या डकैती रंगदारी अपहरण जैसे मामले है।पूर्व विधायक जवाहर यादव के ऊपर 1 4 मुकदमे डकैती लुट जैसे संगीन धाराओं सहित है इनके जेठ सुलाखी यादव के ऊपर 19 मुकदमे दर्ज है।लेकिन अफसोस है कि जिसका पूरा परिवार माफियागिरी गुंडई अपहरण हत्या रंगदारी में आरोपित हो वह सरकार के न्यायोचित कार्यों पर प्रश्न चिन्ह लगाकर न्याय की गुहार लगा रही है और घड़ियाली आंसू बहाकर जनता की सहानुभूति लेना चाहती है।
श्री करवरिया ने बताया कि दूसरी ओर पूरा प्रयागराज की जनता जानती है कि हम तीनों भाइयों को राजनीतिक साज़िश के तहत जवाहर यादव हत्या कांड में नामजद एफ आई आर कराई गई थी।जिसमे 2012 में सीबी सीआईडी ने चार्ज सीट लगाया।और उसके बाद अदालत में उसे हमने चुनौती दिया लेकिन 2014 में माननीय उच्च न्यायालय ने कहा कि पहले अदालत मे सरेंडर करो तब हम मामले को देखेंगे।माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर एक जनवरी 2014 को हम अदालत में हाजिर होकर जेल गए ।
उन्होंने बताया कि तीनों भाई 10वर्ष से अधिक जेल की सलाखों में रहे जब की हमारी पत्नी नीलम करवरिया विधायक भी चुनी गई और बीजेपी की सरकार भी पिछले आठ वर्ष से है।लेकिन उसका कोई हम लोग नाजायद लाभ नहीं उठाए। लेकिन प्रदेश के न्यायप्रिय मुख्य मंत्री महराज योगी आदित्य नाथ नाथ ने पूरी तरह से जब समझ गए कि पूरे परिवार को राजनीतिक षडयंत्र के तहत जेल काटना पड़ रहा है तो वे हमारी पत्नी नीलम के इलाज के समय मुझे बाहर कराया।यद्यपि दुर्भाग्य बस नीलम करवरिया जी को लाख प्रयास के बाद बचा नहीं पाए।
करवरिया जी चुनौती देते हुए कहा कि इस साजिश के तहत दर्ज कराए गए एक मुकदमे के अलावा मेरे ऊपर एक भी मुकदमा कही पर दर्ज नहीं है और हम गुंडा माफिया हो गए जब की जिसका परिवार दर्जनों दर्जनों आपराधिक मुकदमे में आरोपी हो वह सरकार से न्याय की गुहार लगा रही है।और सरकार इन के कारनामों पर न्याय जिस दिन कर देगी उस दिन यह लोग कही मुंह दिखाने लायक नहीं रह जाएंगे।


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