लोवर पीसीएस के 150 से ज़्यादा परीक्षार्थियों ने उठाया नारायण फ़ाउंडेशन की सुविधा का लाभ
छात्र हित में विवेक मौर्य के कार्यों की प्रदेशभर के परीक्षार्थियों ने की प्रशंसा
प्रदेश भर से लोवर पीसीएस के 150 से ज़्यादा परीक्षार्थियों ने उठाया नारायण फ़ाउंडेशन की सुविधा का लाभ
अम्बेडकर नगर। विवेक मौर्य के नेतृत्व में समाजसेवा के क्षेत्र में जनपद ही नही बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी समाजसेवा के माध्यम से अलग पहचान बनाने वाली सामाजिक संस्था नारायण फाउंडेशन ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित लोवर पीसीएस की परीक्षा देने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये सैकड़ों परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क एसी कमरों में रहने, खाने, उनके आवागमन के साथ ही उनको प्रतियोगी परीक्षा के लिए एक अच्छा माहौल देने के लिए परीक्षार्थियों ने नारायण फाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य की सराहना किया।
नारायण फ़ाउंडेशन द्वारा यह व्यवस्लोथा लोवर पीसीएस के उन परीक्षार्थियों के लिए की गई थी जिनका परीक्षा केंद्र अम्बेडकरनगर में है और जो बाहरी जिलों से यहाँ आए हैं। यह व्यवस्था जनपद के मौर्या स्टेट मैरिज लॉन, मौर्य नगर, पुन्थर, टांडा में की है जहां परीक्षा की पूर्व संध्या पर अभ्यर्थियों का स्वागत किया गया और उनको रात्रि विश्राम, भोजन के साथ ही सुबह परीक्षा से पहले नाश्ते का भी इंतेजाम किया गया था। परीक्षा में दिल्ली, प्रयागराज, लखनऊ, जौनपुर, भदोही, गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी आदि जनपदों से आए लगभग 150 से ज़्यादा परीक्षार्थियों ने विवेक मौर्य द्वारा दी गई इस सुविधा का लाभ उठाया।

नारायण फाउंडेशन की इस पहल का उद्देश्य था कि परीक्षार्थी परीक्षा से पहले पूरी तरह तनावमुक्त रहें तथा बाहरी ज़िलों से आये छात्रों को रुकने, खाने या अन्य असुविधाओं की चिंता न करनी पड़े। विवेक मौर्य के नेतृत्व में नारायण फ़ाउंडेशन विगत कई वर्षों से अंबेडकरनगर में किसी भी परीक्षा का केंद्र पड़ने पर परीक्षार्थियों के रुकने, खाने पीने व उनके परीक्षा केंद्र तक पहुँचाने की निशुल्क व्यवस्था निःस्वार्थ भाव से करता आ रहा है। नारायण फाउंडेशन की इस कदम से सैकड़ों गरीब छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
परीक्षार्थी बोले - यह मदद नहीं, हौसला है
प्रयागराज से तैयारी कर रहे गोरखपुर के शुभम गौतम और जौनपुर के अजय वर्मा ने कहा, "परीक्षा केंद्र दूसरे जिले में होने पर सबसे बड़ा डर होटल और खाने का होता है। परीक्षा के समय सब फुल रहता है। यहाँ आकर लगा जैसे अपने ही घर आ गए हों। इतनी साफ व्यवस्था, अच्छा खाना और पढ़ने का माहौल... विवेक मौर्य जी ने हमारा आधा तनाव ही खत्म कर दिया। ऐसे आयोजन से अंबेडकरनगर का मान पूरे प्रदेश में बढ़ता है। हम तो सोच रहे थे रात भर स्टेशन पर भटकना पड़ेगा, होटल वाले तो परीक्षा के नाम पर लूटते हैं। यहाँ आकर लगा जैसे बड़े भाई ने पहले से ही सब इंतजाम कर रखा हो। विवेक मौर्य भैया ने हमसे कहा - तुम बस पढ़ाई पर ध्यान दो, बाकी चिंता हमारी। यह सुनकर जो सुकून मिला, उसे शब्दों में नहीं बता सकते”।
विवेक मौर्य ने कहा कि “ये बच्चे किसी एक जिले के नहीं, ये उत्तर प्रदेश का भविष्य हैं। अगर ये तनावमुक्त होकर परीक्षा देंगे तो इनके माता-पिता का सपना और हमारे जिले का सम्मान दोनों बढ़ेगा। यह सेवा नहीं, हमारा कर्तव्य है। कल जब ये 150 युवा परीक्षा हॉल में बैठे होंगे, तो उनके मन में घबराहट नहीं, अंबेडकरनगर से मिले इस प्यार और अपनेपन की गर्माहट होगी”।


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