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हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई तुलसीदास जी की जयंती। राघव जी मंदिर में भी मनाई गई कवि तुलसीदास की जयंती।
चुनार, मीरजापुर।
संवाददाता अनिल मिश्रा
मीरजापुर।श्रीमती भागीरथी ट्रस्ट आदर्श संस्कृत महाविद्यालय चुनार में बुधवार को श्रीरामचरितमानस के रचनाकार कवि तुलसीदास की जयंती विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के साथ मनायी।इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डा.रमापति त्रिपाठी कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्राध्यापक वीरेंद्र चतुर्वेदी का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया।
तत्पश्चात विद्यार्थियों ने काव्य पाठ किया।संत तुलसीदास जी की प्रमुख रचनाओं जैसे गीतावली,दोहावली,कवितावली, विनय पत्रिका,श्री रामचरितमानस इत्यादि से विद्यार्थियों ने सस्वर काव्य पाठ किया । कार्यक्रम अध्यक्ष ने कहा कि तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना कर विश्व को एक अनुपम कृति प्रदान की । 15 वीं शताब्दी में लिखी गई प्रत्येक पंक्तियां आज के संदर्भ में भी पूरी तरह फली भूत हो रही है ।
डॉ त्रिपाठी ने अपने संबोधन में तुलसीदास के जीवन से जुड़ी हुई अनेक रोचक जानकारी प्रदान की। महाविद्यालय के प्राध्यापक श्याम किशोर पांडे ने तुलसीदास का जीवन परिचय बताते हुए कहा कि उनके जन्म को लेकर स्पष्ट बहुमत नहीं है कुछ लोग उन्हें 1511 तो कुछ लोग 1532 तो कुछ लोग 1554 मानते हैं । किंतु श्रावण मास की सप्तमी तिथि को उनका जन्म हुआ था ऐसा सभी मानते हैं । महाविद्यालय की प्राध्यापिका श्रीमती विभा पुजारी ने तुलसीदास की 12 कृतियों पर प्रकाश डाला ।
विद्यार्थियों में प्रमुख रूप से , राजन तिवारी,अंश, चंदन ने काव्य पाठ किया । इस अवसर पर सुश्री प्रीति,रमापति दीक्षित सहित विद्यालय के अध्यापक, अध्यापिका एवं छात्र छात्राये उपस्थित रही। गंगेश्वर नाथ स्थित श्री राघव जी मंदिर में भी बुधवार की शाम कवि तुलसीदास की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कवि तुलसीदास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा रचित रचनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर अखिलेश पांडेय,लक्ष्मी शंकर पांडे,नंद किशोर तिवारी,प्रतीत राव बैद्य,श्रवण कुमार अवस्थी,अनिल मिश्रा इत्यादि उपस्थित रहे।


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