इफको फूलपुर में अध्यक्ष संघाणी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा।कहा देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है।

किसानों को सशक्त किए बिना विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता- संघाणी

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ब्यूरो चीफ दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट
 
ब्यूरो प्रयागराज। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के  अवसर पर  इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव( इफको ) संस्था केअध्यक्ष  दिलीप संघाणी ने इफको की फूलपुर इकाई में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वतंत्रता दिवस पर  आयोजित इस गरिमामय समारोह में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और किसानों की समृद्धि के संकल्प की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। 
 
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है और किसानों को सशक्त किए बिना विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। श्री संघाणी ने इफको फूलपुर इकाई द्वारा उर्वरक उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीकों, किसान सेवा तथा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इफको किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है।
 
इफको फूलपुर में अध्यक्ष संघाणी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा।कहा देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है।
 
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करते हुए कहा कि आजादी केवल हमारे लिए गौरव का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की निरंतर जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है और किसानों को सशक्त किए बिना विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। 
 
स्वतंत्रता दिवस पर इफको परिवार  राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए अपने संकल्प को दोहराया।   श्री संघाणी ने कहा कि आजादी के 80वें वर्ष में हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के भारत के निर्माण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करना होगा, जिन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया।
 
उन्होंने कहा कि किसान की समृद्धि, गांव की खुशहाली और सहकारिता की मजबूती ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की आधारशिला है। इफको किसानों की आय बढ़ाने, सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने, कृषि को टिकाऊ बनाने और भारतीय संस्कृति एवं ग्रामीण जीवन की समृद्ध परंपरा को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।।इफको फूलपुर में श्री संघाणी  ने स्वतंत्रता दिवस पर यही संकल्प एक बार फिर दोहराया की देश की धरती, देश के किसान और देश की समृद्धि के लिए इफको की ओर से हर संभव प्रयास जारी रहेगा
 
नवनिर्मित तकनीकी भवन का उद्घाटन किया
दो दिवसीय  फूलपुर दौरे के दौरान श्री संघाणी ने इफको फूलपुर संयंत्र में नवनिर्मित तकनीकी भवन का उद्घाटन किया। इस भवन से संयंत्र के सभी वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बैठकर कार्यों की समीक्षा और समन्वय कर सकेंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
 
इफको फूलपुर में अध्यक्ष संघाणी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा।कहा देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है।
 
इफको फूलपुर इकाई के वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री पी.के. सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री संघाणी को इकाई की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, नई तकनीकों तथा पर्यावरण-संवेदनशील उत्पादन प्रक्रियाओं की जानकारी दी। श्री संघानी ने इकाई में अपनाई जा रही आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की सराहना की।
 
कार्डेट किसान सभा और सहकारी बंधुओ को किया संबोधित
इसके पूर्व श्री संघाणी ने इफको कॉर्डेट में एक दिन पूर्व आयोजित किसान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक मजबूती में किसान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, जैव-उर्वरकों तथा पोषक तत्वों से युक्त उर्वरकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने पीएम प्रणाम तथा ‘उर्वरक की पाठशाला’ जैसी पहलों के माध्यम से धरती और पर्यावरण की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों में इफको फूलपुर की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ पर्यावरण और समृद्ध किसान ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भारत की नींव रखेंगे।
 
श्री संघाणी ने इफको के नैनो उर्वरकों—नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक कृषि क्षेत्र में नई तकनीकी क्रांति का हिस्सा हैं और इनके माध्यम से कम मात्रा में अधिक प्रभावी पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
 
इफको फूलपुर इकाई ने अब तक नैनो यूरिया प्लस लिक्विड की 244.8 लाख बोतलें तथा नैनो डीएपी लिक्विड की 12.1 लाख बोतलें, प्रत्येक 500 मिलीलीटर, का उत्पादन किया है। इनका कुल पोषक प्रभाव लगभग 11.5 लाख मीट्रिक टन पारंपरिक उर्वरकों के बराबर है। यह उपलब्धि इफको फूलपुर की टिकाऊ कृषि और अगली पीढ़ी की उर्वरक तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है।
 
अपने कार्यक्रम में श्री संघाणी ने किसानों एवं सहकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ आत्मीय संवाद किया तथा उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नैनो उर्वरकों और संतुलित पोषण प्रबंधन को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि “इफको की असली सफलता केवल उत्पादन के आंकड़ों में नहीं, बल्कि उस किसान के चेहरे की मुस्कान में है, जिसके खेत में बेहतर उत्पादन हो और जिसके परिवार का भविष्य सुरक्षित हो।” इफको का मानना है कि राष्ट्र की वास्तविक समृद्धि ग्रामीण भारत की प्रगति और खुशहाली में निहित है। इसी सोच के अनुरूप कॉर्डेट (कोऑपरेटिव रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट) तथा मोतीलाल नेहरू किसान प्रशिक्षण संस्थान किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
 
इफको फूलपुर स्थानीय समुदायों से प्राप्त नीम के बीजों का उपयोग कर नीम-लेपित यूरिया, जैव-उर्वरक तथा नीम तेल का उत्पादन भी करता है। इससे एक ओर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय आजीविका को भी मजबूती मिलती है। इफको फूलपुर इकाई केंद्रीय विद्यालय कल्याण कार्यक्रम, समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम (आईआरडीपी), महिला चेतना क्लब और ओम कल्याण समिति जैसी पहलों के माध्यम से आसपास के गांवों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान दे रही है। इन प्रयासों के अंतर्गत स्वच्छता सुविधाएं, सुरक्षित पेयजल, सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षिक सहायता तथा आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

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