फीचर्ड

आखिर कब हटेगा तालाब से कब्जा, कहां है राजस्व विभाग

शंकरगढ़ क्षेत्र के शिवराजपुर और बड़गड़ी गांव में तालाब व सरकारी  जमीन पर कथित अतिक्रमण कर सिलिका सैंड वाशिंग प्लांट संचालित किए जाने का मामला सामने आया है।

Abhinav Shukla Picture
Published On

स्वतंत्र प्रभात ।
 
शंकरगढ़ (प्रयागराज )
 
शंकरगढ़ क्षेत्र के शिवराजपुर और बड़गड़ी गांव में तालाब व सरकारी  जमीन पर कथित अतिक्रमण कर सिलिका सैंड वाशिंग प्लांट संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी जमीन और तालाबों के बड़े हिस्से पर कब्जा कर प्लांट चलाए जा रहे हैं। ग्राम सभा शिवराजपुर में तालाब राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 80/1 में 6.0150 हेक्टेयर तथा 80/2 में 1.2550 हेक्टेयर दर्ज है। आरोप है कि वर्तमान में तालाब के लगभग आधे हिस्से पर अवैध कब्जा कर वाशिंग प्लांट संचालित किया जा रहा है।
 
इस मामले में ग्राम प्रधान शिवराजपुर की ओर से लिखित शिकायत भी की गई है। वहीं कुछ दिन पूर्व भारतीय किसान यूनियन की शिकायत पर तहसीलदार बारा ने मौके का निरीक्षण भी किया था। लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई। कोई दबाव है या सब कुछ ओके है ये कहना मुश्किल है।
 
शिवराजपुर से लगे ग्राम पंचायत बड़गड़ी में भी एक अन्य वाशिंग प्लांट संचालक पर आरोप है कि  उसने करीब 10 विश्वा जमीन खरीदने के बाद उसी की आड़ में तालाब की जमीन पर भी अतिक्रमण कर वाशिंग प्लांट संचालित कर रखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कार्रवाई की बात आती है तो संचालक अपनी करीब ढाई बीघा निजी जमीन होने का हवाला देते हैं। जबकि वह जमीन तालाब के आगे ग्राम पंचायत बड़गड़ी में है। ग्रामीणों का आरोप है कि निजी जमीन की आड़ में आसपास की सरकारी जमीन और तालाब की भूमि के कई हिस्सों पर भी कब्जा कर सिलिका सैंड का कारोबार किया जा रहा है।शिवराजपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रभाकर सिंह उर्फ पिंटू सिंह ने बताया कि वर्तमान में तालाब के कई हिस्सों पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर सिलिका सैंड प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में लिखित शिकायत भी की गई है।अगर तालाब सरकारी अभिलेखों में दर्ज है तो आखिर उसके हिस्से में प्लांट कैसे संचालित हो रहे हैं?क्या राजस्व अभिलेखों के आधार पर पूरे क्षेत्र की पैमाइश कराई जाएगी?अगर अतिक्रमण मिला तो सरकारी तालाब और जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई कब होगी?अब निगाहें तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे क्षेत्र की निष्पक्ष पैमाइश कराकर तालाब एवं सरकारी भूमि की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए और यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
 
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार