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दुद्धी में 51 फीट के रावण का धू-धू कर दहन, जय श्रीराम के नारों से गूंजा मैदान
रावण की नाभि में श्रीराम का तीर लगते ही हुआ दशानन का अंत, घंटों चली आतिशबाजी; अगले वर्ष लेजर लाइट से होगा राम-रावण युद्ध का भव्य मंचन
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
दुद्धी/सोनभद्र-
दुद्धी में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सैकड़ों वर्षों से चली आ रही रामलीला की परंपरा के तहत रामलीला खेल मैदान में भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। जैसे ही मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का तीर रावण की नाभि में लगा, दशानन का अंत हो गया और 51 फीट ऊंचा विशालकाय रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा। इस दौरान पूरा मैदान हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रावण दहन के बाद घंटों तक आतिशबाजी होती रही, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे।

Read More पीडीए पंचायत में भाजपा पर बरसे सांसद देवेश शाक्य, बोले—‘वोट की चोरी नहीं, लोकतंत्र की डकैतीरामलीला मंचन के दौरान रावण वध के बाद उसके ज्ञान और विद्वता से जुड़ा प्रसंग भी प्रस्तुत किया गया। कथा के अनुसार, रावण के अंतिम समय में भगवान श्रीराम ने अपने छोटे भाई लक्ष्मण को उससे ज्ञान प्राप्त करने के लिए भेजा। लक्ष्मण ने पहले रावण के सिर की ओर खड़े होकर ज्ञान प्राप्त करना चाहा, लेकिन रावण ने उन्हें कोई उपदेश नहीं दिया। इसके बाद भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण को समझाया कि ज्ञान प्राप्त करने के लिए विनम्रता आवश्यक है और उन्हें रावण के चरणों के समीप खड़े होकर ज्ञान ग्रहण करना चाहिए। लक्ष्मण के विनम्र भाव से पहुंचने पर रावण ने उन्हें ज्ञान की बातें बताईं।
Read More बाइक से गिरकर महिला की दर्दनाक मौत, पति के साथ बिठूर दर्शन कर लौट रही थी, हादसे में पति बाल-बाल बचारामलीला के माध्यम से संदेश दिया गया कि अहंकार, अधर्म और पराई स्त्री का हरण विनाश का कारण बनते हैं। रावण की विद्वता और सामर्थ्य के बावजूद उसका अहंकार ही उसके पतन का कारण बना। भगवान श्रीराम के हाथों वध के बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति का प्रसंग भी श्रद्धा के साथ प्रस्तुत किया गया।
अगले वर्ष लेजर लाइट से होगा राम-रावण युद्ध का मंचन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो ने विजयादशमी के अवसर पर नगरवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष रामलीला में राम-रावण युद्ध के मंचन को अत्याधुनिक स्वरूप देने के लिए लेजर लाइट तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे आयोजन और अधिक भव्य एवं आकर्षक बन सके।
वहीं, नगर पंचायत दुद्धी के चेयरमैन कमलेश मोहन ने जल जीवन मिशन के तहत 44 करोड़ रुपये का बजट पास होने की जानकारी देते हुए दुद्धी नगर के सर्वांगीण विकास पर प्रकाश डाला।
अतिथियों का हुआ स्वागत, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर देवनारायण जायसवाल, नंदलाल अग्रहरि, रामलोचन तिवारी, डॉ. लवकुश प्रजापति, बजरंग लाल उपाध्याय, अमरनाथ जायसवाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विजयादशमी मेले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। पूरे आयोजन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दुद्धी विश्वनाथ प्रताप सिंह, कस्बा प्रभारी संजय सिंह, हरिकेश आजाद और महिला थाना प्रभारी संतु सरोज सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों ने गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।
रावण दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। वहीं, छोटों ने बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक सौहार्द का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का संयोजन श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रहरि एवं महामंत्री सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने किया, जबकि संचालन रविन्द्र जायसवाल ने किया। रामलीला मंचन का नेतृत्व कमलेश कमल ने किया। इस अवसर पर विभिन्न पूजा समितियों के सदस्य दुर्गा प्रतिमाओं के साथ तथा हजारों की संख्या में सनातन धर्मावलंबी उपस्थित रहे।


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