पीडीए पंचायत में भाजपा पर बरसे सांसद देवेश शाक्य, बोले—‘वोट की चोरी नहीं, लोकतंत्र की डकैती

शहर के रविदास पुरम, बिहारी टोला में रविवार शाम आयोजित समाजवादी पार्टी की पीडीए पंचायत में भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर सियासी हमला बोला गया।

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कानपुर। शहर के रविदास पुरम, बिहारी टोला में रविवार शाम आयोजित समाजवादी पार्टी की पीडीए पंचायत में भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर सियासी हमला बोला गया। एटा के सांसद देवेश शाक्य ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की निष्पक्षता, कानपुर में कथित भ्रष्टाचार और लाल इमली मिल को चालू करने के वादे को लेकर सरकार को घेरा। वहीं, सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने बदहाल सड़कों, गंदगी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
 
समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर के तत्वावधान में आयोजित पंचायत की अध्यक्षता हाजी फजल महमूद ने की। कार्यक्रम में सांसद देवेश शाक्य का कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिंटू ने मंच संचालन किया, जबकि विनय गुप्ता कार्यक्रम के संयोजक रहे।
 
मतदाता सूची पर सवाल, लोकतंत्र को लेकर सरकार पर हमला
मुख्य अतिथि सांसद देवेश शाक्य ने कहा कि पीडीए का अर्थ प्रेम, दया और अपनापन है तथा यह समाज के वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटना चाहिए।
 
सांसद ने फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष समर्थक मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मताधिकार की रक्षा करना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। उनके इन बयानों के जरिए पंचायत में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
 
स्मार्ट सिटी पर सवाल, टेंडर और सड़कों की गुणवत्ता पर घेरा
 
देवेश शाक्य ने कानपुर की नागरिक समस्याओं का जिक्र करते हुए नगर निगम के टेंडरों में कथित अनियमितताओं, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के कारण जनता की गाढ़ी कमाई का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
उन्होंने पनकी और इस्पात नगर में नकली सीमेंट के कथित नेटवर्क का उल्लेख करते हुए सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता की जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि सरकारी धन से बने रास्ते जल्द खराब न हों और आम नागरिकों को परेशानी न उठानी पड़े।
 
लाल इमली पर वादा याद दिलाकर साधा निशाना
 
सांसद ने लाल इमली मिल को चालू करने की घोषणा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कानपुर के औद्योगिक भविष्य और रोजगार की उम्मीदों को लंबे समय से आश्वासन मिल रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 30 अगस्त 2024 को कानपुर दौरे के दौरान लाल इमली को लेकर किए गए वादे का हवाला देते हुए सवाल किया कि मिल को दोबारा चालू करने की दिशा में अब तक क्या ठोस प्रगति हुई है।
 
उन्होंने कहा कि कानपुर की औद्योगिक पहचान को मजबूत करने के लिए घोषणाओं के बजाय जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए। साथ ही, व्यापारियों पर प्रस्तावित यूपीआई मर्चेंट शुल्क को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई और इसे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया।
दिवाली से पहले शहर की बदहाली पर उठाए सवाल
 
महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि शहर के कई इलाकों में सड़कें, सफाई, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर नागरिक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले बाजारों और मोहल्लों में साफ-सफाई तथा सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
 
हाजी फजल महमूद ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से पीडीए के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि समाज के वंचित वर्गों को अधिकार और सम्मान दिलाने की लड़ाई में समाजवादी पार्टी निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने आगामी चुनावों में भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता को लामबंद करने की अपील भी की।

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