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सोनभद्र में धूमधाम से मनाया गया विजयदशमी का पर्व, 81 स्थानों पर हुआ रावण दहन
आतिशबाजी से जगमगाया आसमान, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजे रामलीला मैदान
बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -
जिले में मंगलवार को विजयदशमी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व पर जिले के 81 स्थानों पर शाम 6 बजे के बाद रावण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान रामलीला मैदानों और आयोजन स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। रावण दहन के साथ हुई आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा, वहीं जय श्रीराम के उद्दोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

इन नगरों और कस्बों में हुई विशेष तैयारियां
जनपद के रॉबर्ट्सगंज, चोपन, रेणुकूट ,दुद्धी, बभनी, म्योरपुर, अनपरा, शक्तिनगर, कोन, विंढमगंज, करमा, घोरावल और बीजपुर सहित विभिया कस्बों और नगरों में रामलीला समितियों की ओर से रावण दहन की विशेष तैयारियां की गई थीं। शाम होते ही आयोजन स्थलों पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने रामलीला मंचन और रावण दहन का आनंद लिया। निर्धारित समय पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। इसके साथ ही लोगों ने एक-दूसरे को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं।
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रेणुकूट ,ओबरा, दुद्धी , चोपन और करमा में विशेष आकर्षण
ओबरा में श्रीराम मंदिर प्रांगण में 60 फीट, रेणुकूट में 90 फीट, दुद्धी में 51 फीट , कोन में 40 फीट और करमा में 25 फीट ऊँचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इन स्थानों पर भी हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और रावण दहन का भव्य दृश्य देखने को मिला।

सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम
विजयदशमी के पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपना कराने के लिए रामलीला समितियों और जिला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रमुख आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ भीड नियंत्रण पर ध्यान दिया गया। जिले भर में उत्साह और उल्लास के बीच दशहरा पर्व संपन्न हुआ।
सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश
रावण दहन के माध्यम से लोगों को अहंकार, अन्याय और बुराईयों का त्याग कर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गयाविजयदशमी का यह पर्व एक बार फिर यह संदेश दे गया कि अंततः सत्य की जीत और असत्य की हार होती है।


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