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दुईजी देवी से मिलते ही भावुक हुईं पूर्व IAS दिव्या मित्तल, गले लगकर छलक पड़े आंसू; वायरल हुआ वीडियो
जननीति भारत पार्टी के ऐलान के बाद पहली बार लहुरियादह गांव पहुंचीं दिव्या मित्तल, बुजुर्ग महिला से मुलाकात ने ताजा की पुरानी यादें; गांव में स्कूल निर्माण का मुद्दा फिर चर्चा में
मिर्जापुर। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल और मिर्जापुर के लहुरियादह गांव की बुजुर्ग महिला दुईजी देवी की मुलाकात ने भावुक कर देने वाला दृश्य पेश किया। अपनी नई राजनीतिक पार्टी जननीति भारत पार्टी के गठन के ऐलान के बाद पहली बार गांव पहुंचीं दिव्या मित्तल जब दुईजी देवी से मिलीं, तो दोनों के बीच अपनापन और पुरानी यादें इस कदर उभर आईं कि वह खुद को भावुक होने से नहीं रोक सकीं। बुजुर्ग महिला को गले लगाते ही दिव्या मित्तल की आंखें नम हो गईं। इस भावुक मुलाकात का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दिव्या मित्तल के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों से मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ। इसी दौरान उनकी नजर बुजुर्ग दुईजी देवी पर पड़ी। दोनों की मुलाकात केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुराने अनुभवों और गांव की समस्याओं से जुड़ी यादें भी सामने आ गईं। एक-दूसरे से मिलते समय दिखाई दिया भावनात्मक जुड़ाव लोगों का ध्यान खींच रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इस मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पानी की समस्या के बीच उठी थी स्कूल बनवाने की मांग
लहुरियादह गांव लंबे समय से पेयजल की समस्या से जूझ रहा था। जल जीवन मिशन के तहत गांव में घर-घर नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की गई थी। इसी दौरान तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी के रूप में दिव्या मित्तल गांव पहुंची थीं। उस समय ग्रामीणों से बातचीत के दौरान बुजुर्ग दुईजी देवी ने अपनी बात रखी थी।
खास बात यह थी कि जब गांव में पानी की समस्या को लेकर चर्चा हो रही थी, तब दुईजी देवी ने केवल पानी की समस्या तक अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने गांव में स्कूल नहीं होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि गांव में उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं होने के कारण बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है और अभिभावकों की चिंताएं भी बढ़ती हैं।
दुईजी देवी की मांग थी कि गांव में ही स्कूल बनाया जाए, ताकि बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में न जाना पड़े। उनकी यह मांग गांव के बच्चों के भविष्य और शिक्षा की बेहतर व्यवस्था से जुड़ी थी।
वन विभाग की आपत्ति से रुका स्कूल का निर्माण
गांव में स्कूल निर्माण का मुद्दा अब भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल बनाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन वन विभाग की आपत्ति के चलते निर्माण कार्य रुक गया। ऐसे में गांव के बच्चों की शिक्षा से जुड़ा यह महत्वपूर्ण सवाल फिर चर्चा में आ गया है।
दुईजी देवी की ओर से उठाई गई मांग ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा की जरूरत को भी सामने लाती है। पानी जैसी मूलभूत समस्या के साथ-साथ गांव में विद्यालय की उपलब्धता भी ग्रामीण परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। स्कूल निर्माण रुकने से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा मिलने की उम्मीद पर असर पड़ा है।
पुरानी मुलाकात ने फिर खींचा लोगों का ध्यान
जननीति भारत पार्टी के ऐलान के बाद दिव्या मित्तल का पहली बार लहुरियादह गांव पहुंचना कई मायनों में चर्चा का विषय बना। इस दौरान दुईजी देवी से उनकी मुलाकात ने पुरानी यादों को फिर ताजा कर दिया। बुजुर्ग महिला के प्रति उनका भावुक व्यवहार अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
इस मुलाकात ने एक बार फिर गांव की उस मांग को चर्चा में ला दिया है, जो बच्चों के भविष्य और शिक्षा की सुविधा से जुड़ी है। अब ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि गांव में स्कूल निर्माण का रास्ता कब साफ होगा और बच्चों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शिक्षा की सुविधा कब मिल सकेगी।
स्वतंत्र प्रभात।


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