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पुरानी आंगनबाड़ी को ध्वस्त कर उसी स्थान पर नए केंद्र के निर्माण की ग्रामीणों ने उठाई मांग
प्राथमिक विद्यालय परिसर में निर्माण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी, बच्चों के खेलकूद की जगह समाप्त होने की जताई चिंता
मीरजापुर।
मीरजापुर। हलिया विकासखंड के ग्राम पंचायत बिलरा पटेहरा में आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि प्राथमिक विद्यालय परिसर में नया आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के बजाय पहले से मौजूद पुराने और जर्जर आंगनबाड़ी भवन को ध्वस्त कर उसी स्थान पर नए केंद्र का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा करने से सरकारी भूमि का बेहतर उपयोग होगा और प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह भी बची रहेगी।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत बिलरा पटेहरा में आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बाद संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्राथमिक विद्यालय परिसर में ही निर्माण के लिए स्थान की नाप-जोख कर उसे चिह्नित किया गया है। इस निर्णय को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है
कि विद्यालय परिसर में पहले से ही जगह सीमित है। ऐसे में यदि वहां नए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया जाता है, तो बच्चों के खेलने-कूदने और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध स्थान और कम हो जाएगा।
पुराने भवन का उपयोग करने की उठाई मांग
ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय परिसर के अंदर पहले से पुराना आंगनबाड़ी केंद्र बना हुआ है। यदि पुराने भवन को ध्वस्त कर उसी स्थान पर नए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण करा दिया जाए, तो अलग से भूमि घेरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे विद्यालय परिसर का संतुलन भी बना रहेगा और बच्चों की सुविधाएं भी प्रभावित नहीं होंगी।
ग्रामीणों के मुताबिक, पुरानी आंगनबाड़ी के स्थान पर नया भवन बनाए जाने से उपलब्ध सरकारी भूमि का सदुपयोग किया जा सकता है। साथ ही विद्यालय परिसर में अनावश्यक रूप से नए निर्माण के लिए जगह घेरने की स्थिति भी नहीं बनेगी। ग्रामीण चाहते हैं कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले अधिकारियों द्वारा मौके का दोबारा निरीक्षण किया जाए और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।
विद्यालय की जमीन घिरने से बच्चों की सुविधाओं पर असर की आशंका
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्लॉक के कर्मचारियों द्वारा प्राथमिक विद्यालय परिसर में अधिक से अधिक जगह घेरकर आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए उपलब्ध खुला स्थान प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों के शारीरिक विकास, खेलकूद और अन्य गतिविधियों के लिए भी खुली जगह जरूरी है।
उनका कहना है कि यदि विद्यालय परिसर की बची हुई जमीन पर भी निर्माण करा दिया गया, तो बच्चों को खेलकूद के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाएगा। इसलिए किसी भी प्रकार का निर्माण कराने से पहले विद्यालय की जरूरतों, बच्चों की सुविधाओं और उपलब्ध भूमि का ध्यान रखना आवश्यक है।
अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लेने की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और हलिया विकासखंड के जिम्मेदार कर्मचारियों से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्र के
निर्माण स्थल का पुनः निरीक्षण कराया जाए। पुरानी आंगनबाड़ी के भवन की स्थिति का आकलन कर नियमानुसार उसे ध्वस्त करने तथा उसी स्थान पर नए भवन के निर्माण की संभावना पर विचार किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण को लेकर नहीं, बल्कि प्राथमिक विद्यालय परिसर में उपलब्ध जमीन के उचित उपयोग को लेकर है। वे चाहते हैं कि गांव में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी हो और विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुविधाएं भी सुरक्षित रहें।
अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की मांग पर क्या कदम उठाते हैं और निर्माण कार्य को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए ऐसा समाधान निकालेगा, जिससे आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी हो सके और प्राथमिक विद्यालय के बच्चों का हित भी प्रभावित न हो।


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