मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर ईको गार्डन में गरजीं आशा कार्यकर्ता, नियमित वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की उठाई मांग

लखनऊ में आशा कार्यकर्ताओं का धरना, मानदेय वृद्धि की मांग तेज

सचिन बाजपेई Picture
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Lucknow News: लखनऊ के ईको गार्डन में आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय वृद्धि, निश्चित वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।

लखनऊ,  राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में गुरुवार को आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने मानदेय में वृद्धि समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपने कार्य के अनुरूप उचित पारिश्रमिक, नियमित मानदेय और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूकता, टीकाकरण तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें स्वास्थ्य विभाग के कई अभियानों में भी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसके बावजूद मानदेय और प्रोत्साहन राशि को लेकर उनकी समस्याएं बनी हुई हैं।

निश्चित मानदेय और कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय में पर्याप्त वृद्धि करने, लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने और आशा व आशा संगिनियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने जैसी मांगें उठाईं। विभिन्न संगठनों की मांगों में न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक वेतन, कार्य के अनुरूप बेहतर पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल रही हैं। हालांकि, अलग-अलग संगठनों की मांगों में राशि और अन्य शर्तों को लेकर अंतर है।

कार्यकर्ताओं की मांग है कि स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान को देखते हुए सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे उन्हें नियमित और सम्मानजनक आय मिल सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य बीमा, मातृत्व अवकाश, यात्रा भत्ता तथा विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में किए गए कार्यों की प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी हैं आशा कार्यकर्ता

आशा कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती हैं। वे गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने, टीकाकरण के लिए प्रेरित करने, बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करती हैं।

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भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, आशा कार्यकर्ताओं को नियमित गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रोत्साहन राशि के साथ विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन भी दिया जाता है। राज्यों की सरकारें इसके अतिरिक्त अपनी ओर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा सकती हैं। ऐसे में आशा कार्यकर्ताओं की मांगों के बीच भुगतान की पारदर्शिता, समयबद्धता और पारिश्रमिक की पर्याप्तता महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।

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लंबित मांगों के समाधान की अपेक्षा

आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन का मुख्य उद्देश्य मानदेय में बढ़ोतरी के साथ कार्य की बेहतर परिस्थितियां और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कराना है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।

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अब आंदोलन के बाद सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर आशा कार्यकर्ताओं की निगाहें टिकी हैं।

 

 

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