नवीनतम
फीचर्ड
पुलिस ऑफिस प्रकरण में थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
पुलिस ऑफिस में मारपीट का मामला आया सामने
नवनियुक्त एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति का पहले ही दिन बड़ा एक्शन
खबर:अमित राघव(ब्यूरो चीफ देहरादून)
पुलिस ऑफिस प्रकरण में थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, निष्पक्ष जांच के लिए सख्त कार्रवाई
मेरठ। नवनियुक्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बीबीजीटीएस मूर्ति ने मेरठ में कार्यभार संभालते ही पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। एसपी कार्यालय परिसर में एक व्यक्ति के साथ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कथित मारपीट के मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि नई जिम्मेदारी संभालते ही एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस कार्यालय अथवा थाने में किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट अथवा नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ऑफिस में मारपीट का मामला आया सामने
जानकारी के अनुसार, एसपी कार्यालय में एक व्यक्ति के साथ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद प्रकरण को गंभीरता से लिया गया।
Read More बारिश में भी नहीं डिगा हजरतगंज पुलिस का हौसला, इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने संभाली यातायात व्यवस्थामामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नवनियुक्त एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को वर्तमान तैनाती से हटाकर पुलिस लाइन से संबद्ध करने का निर्णय लिया।
निष्पक्ष जांच के लिए हटाए गए पुलिसकर्मी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने के पीछे प्रमुख उद्देश्य जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी बनाए रखना है। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी पर सीधे तौर पर आरोप अथवा घटना से संबंधित भूमिका की जांच हो रही हो, तो उसे उसी स्थान पर तैनात रखना जांच की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रशासनिक कदम उठाया है। अब पूरे मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
एसएसपी के एक्शन से पुलिस महकमे में संदेश
नवनियुक्त एसएसपी के कार्यभार संभालते ही की गई इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिसकर्मियों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनता के साथ व्यवहार और पुलिस आचरण को भी गंभीरता से लिया जाएगा।
एसएसपी की कार्रवाई से यह संकेत भी मिला है कि किसी भी शिकायत या घटना में प्रथम दृष्टया यदि पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध अथवा जांच योग्य पाई जाती है तो विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।
आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। हालांकि, लाइन हाजिर किया जाना अपने आप में किसी पुलिसकर्मी को दोषी सिद्ध नहीं करता। यह एक प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसके जरिए संबंधित पुलिसकर्मियों को मौजूदा तैनाती से हटाकर जांच को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाया जाता है।
अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
पहले दिन ही सख्त तेवर दिखे
मेरठ में कार्यभार संभालने के बाद एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पहले ही दिन लिए गए इस निर्णय से पुलिस विभाग में स्पष्ट संदेश गया है कि अनुशासन, पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जांच में आरोप निराधार पाए जाने की स्थिति में संबंधित पुलिसकर्मियों को राहत भी मिल सकती है।
फिलहाल, आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने के बाद पूरे मामले की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। एसएसपी के इस तत्काल एक्शन को मेरठ पुलिस में जवाबदेही और अनुशासन को लेकर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
मेरठ पुलिस में बड़ा एक्शन: मारपीट प्रकरण में थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एसएसपी ने की तत्काल कार्रवाई, एडीजी के आदेश पर डीआईजी कर रहे हैं जांच
मेरठ। सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से सामने आए एक व्यक्ति के साथ पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कथित मारपीट के प्रकरण को पुलिस विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है। मामले की जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए थाना सिविल लाइंस के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन, मेरठ के आदेश के अनुपालन में पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर रेंज द्वारा संपादित की जा रही है।
निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो, इसलिए उठाया गया कदम
पुलिस विभाग के अनुसार, सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से सामने आए मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से संपादित कराया जा रहा है। इसी क्रम में यह आशंका न रहे कि संबंधित पुलिसकर्मियों की तैनाती जांच की प्रक्रिया को किसी भी तरह प्रभावित कर सकती है, इसलिए उन्हें वर्तमान तैनाती से हटाकर पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।
एसएसपी मेरठ ने स्पष्ट किया कि जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ समेत 8 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ के अलावा उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल और चालक शामिल हैं।
पुलिस विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मी इस प्रकार हैं—
- निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ — थाना प्रभारी, सिविल लाइंस
- उपनिरीक्षक मुलायम सिंह — थाना सिविल लाइंस
- हेड कांस्टेबल 1094 हरि ओम — थाना सिविल लाइंस
- कांस्टेबल 4016 मुकेश कुमार — थाना सिविल लाइंस
- हेड कांस्टेबल 18 श्याम बाबू — थाना सिविल लाइंस
- कांस्टेबल 1559 सुमित कुमार — थाना सिविल लाइंस
- महिला कांस्टेबल 1676 नीलम लौर — थाना सिविल लाइंस
- चालक ललित कुमार — थाना सिविल लाइंस
एडीजी के आदेश पर डीआईजी कर रहे हैं जांच
मामले की जांच अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन के आदेश के अनुसार पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर रेंज द्वारा की जा रही है। इसका उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता से जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाना है।
जांच में घटना से जुड़े सभी पहलुओं, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।
पुलिस विभाग में कार्रवाई से मचा हड़कंप
थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर किए जाने से मेरठ पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। एसएसपी के इस कदम को पुलिसकर्मियों के लिए स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि किसी भी प्रकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही से समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं, यह भी महत्वपूर्ण है कि लाइन हाजिर किया जाना जांच के दौरान की गई प्रशासनिक कार्रवाई है और इससे संबंधित पुलिसकर्मियों का दोष सिद्ध नहीं होता। मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और उसके निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से मामले में तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अब सभी की निगाहें डीआईजी सहारनपुर रेंज की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी और आगे किन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता है।
एसएसपी मेरठ की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि पुलिस विभाग से जुड़े किसी भी गंभीर आरोप की जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए तत्काल प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं।


Comments