युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए : चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

बस्ती। बस्ती जिले के हरैया विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता चंद्रमणि पांडे द्वारा युवा संवाद अभियान के 23वें दिन बीआर इंटर कॉलेज, हर्रैया में छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने कहा कि युवाओं को अपना समय और ऊर्जा दूसरों को परेशान करने में नहीं, बल्कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति और राष्ट्र निर्माण में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सकारात्मक सोच, विकास की आकांक्षा और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर आगे बढ़ने की क्षमता से है। हमें पाकिस्तान की तरह दूसरों को परेशान करने में अपनी शक्ति व्यय करने के बजाय भारत की तरह अपने विकास और लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए।
 
श्री पाण्डेय ने कहा कि हम किसी राजनीतिक दल के समर्थक या विरोधी हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रविरोधी नहीं हो सकते। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, पर राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के विरुद्ध कार्य करने वाली ताकतों को समाज को अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से करारा जवाब देना चाहिए।
युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज का युवा जिस वातावरण में रहेगा और समाज से जिस प्रकार का ज्ञान एवं संस्कार प्राप्त करेगा, उसके व्यवहार और भविष्य के परिणाम भी उसी अनुरूप होंगे। उन्होंने कम्प्यूटर का उदाहरण देते हुए कहा कि कम्प्यूटर में जैसा इनपुट दिया जाता है, उसी के अनुरूप आउटपुट प्राप्त होता है। इसी प्रकार युवाओं के मन-मस्तिष्क में ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक सोच का इनपुट दिया जाएगा तो समाज को उसी प्रकार का सकारात्मक परिणाम मिलेगा।उन्होंने कहा कि नवयुवकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें समाजोन्मुखी और राष्ट्र निर्माण की भावना से भी जोड़ना आवश्यक है। आने वाले समय में देश की बागडोर आज के इन्हीं युवाओं के हाथों में होगी। इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील, अनुशासित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करना भी होना चाहिए।
चन्द्रमणि पाण्डेय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में हुए विभिन्न विकास कार्यों एवं परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद कानून-व्यवस्था, विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को पिछली सरकारों के दौरान व्याप्त गुण्डाराज और जंगलराज की छवि से निकालकर विकासोन्मुख प्रदेश बनाने के लिए योगी सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन राजनीतिक दलों को अपनी कार्यशैली और नीतियों में सुधार करते हुए जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरोध को ही राजनीति का आधार बनाने से देश या समाज का भला नहीं हो सकता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नकारात्मक राजनीति और अनावश्यक विवादों में अपनी ऊर्जा लगाने के बजाय अपने लक्ष्य, शिक्षा, रोजगार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें।
श्री पाण्डेय ने कहा कि हमें पाकिस्तान से नहीं, हिंदुस्तान से सीख लेने की जरूरत है—दूसरों को परेशान करने के बजाय स्वयं को मजबूत बनाना, विवाद के बजाय विकास को प्राथमिकता देना और निराशा के बजाय लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहना ही भारत की शक्ति है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने गांव, समाज और देश की समस्याओं के समाधान में अपनी भूमिका तय करें तथा शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझें। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य केवल सरकारों के भरोसे नहीं बनता, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से बनता है।
युवा संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं प्रश्न भी रखे। श्री पाण्डेय ने उनके प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें सकारात्मक सोच, अनुशासन, निरंतर अध्ययन, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रहित को अपने जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान भारत की शक्ति भी हैं। यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे तो विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा।
 
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार