फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र से एमबीबीएस में दाखिले का खेल, बहराइच से वांछित आरोपी गिरफ्तार
अंतरराज्यीय ठग गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए सरकारी नौकरी और मेडिकल दाखिले कराने का आरोप
भदोही। स्वतंत्र प्रभात। फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित कोटे से चिकित्सा स्नातक (एमबीबीएस) में दाखिला कराने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह के एक वांछित आरोपी को भदोही पुलिस ने बहराइच से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराकर पैसे के बदले मेडिकल कॉलेजों में दाखिला और सरकारी नौकरियों में चयन कराने वाले गिरोह से जुड़ा है।
पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर 2025 को ज्ञानपुर थाने में शाहिद अली निवासी गोरी खमरिया, औराई की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में राजकीय एवं स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित एवं उपआश्रित श्रेणी के अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्रों के संदिग्ध और कूटरचित होने की जानकारी दी गई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के सदस्य शुभम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद फर्जी प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों से पूछताछ में गिरोह के कथित सरगना संजय दुबे का नाम सामने आया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वाट टीम ने सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने ज्ञानपुर थाने में दर्ज मुकदमे से संबंधित वांछित आरोपी दिनेश कुमार वर्मा पुत्र मुन्नू राम वर्मा, निवासी नौतला, थाना रामगांव, बहराइच को नंदा इंस्टीट्यूट गेस्ट हाउस, ग्राम सोहरवा से गिरफ्तार किया।
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पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र तैयार कराकर अभ्यर्थियों को एमबीबीएस में चयनित कराने का काम करता था। इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल विभिन्न सरकारी नौकरियों में भर्ती कराने के लिए भी किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इससे पहले फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र के जरिए वर्ष 2023 की पुलिस सीधी भर्ती में भी एक अभ्यर्थी का चयन कराया गया था। इस मामले में भदोही पुलिस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने के स्रोत और इसके माध्यम से लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों की भूमिका की जांच कर रही है।


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