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एटा-टूण्डला मार्ग पर टैंकर की टक्कर से 14 वर्षीय किशोर की मौत, चार घंटे तक लगा जाम
बहन को ट्यूशन छोड़कर घर लौट रहा था इकलौता बेटा हर्ष, हादसे के बाद परिवार में मचा कोहराम; ग्रामीणों ने उठाए सड़क सुरक्षा पर सवाल
एटा-टूण्डला मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 14 वर्षीय हर्ष की मौत,राजावली क्षेत्र के नगला सिकंदर में तेज रफ्तार टैंकर की टक्कर से बाइक सवार किशोर हर्ष गौतम की मौके पर ही मौत हो गई। बहन को ट्यूशन छोड़कर घर लौट रहा था परिवार का इकलौता बेटा। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव रखकर लगाया जाम, करीब 4 घंटे तक ठप रहा यातायात।
विवेक शर्मा संवाददाता टूण्डला
रजावली (टूण्डला )।
थाना राजावली क्षेत्र के नगला सिकंदर में पंजाब नेशनल बैंक के सामने शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। टूण्डला की ओर से आ रहे एक टैंकर की चपेट में आने से बाइक सवार 14 वर्षीय किशोर हर्ष गौतम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
बहन को ट्यूशन छोड़कर लौट रहा था हर्ष
जानकारी के अनुसार, नगला दल निवासी ज्ञान प्रकाश गौतम का 14 वर्षीय बेटा हर्ष अपनी चचेरी बहन गरिमा को नगला बीच में ट्यूशन छोड़ने गया था। वहां से बाइक द्वारा घर लौटते समय नगला सिकंदर के पास टैंकर की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि हर्ष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बेटे की मौत से पिता ज्ञान प्रकाश का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार, हर्ष परिवार का इकलौता बेटा था। पिता बार-बार बेटे को याद कर बिलखते रहे।

आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम, चार घंटे बाधित रहा यातायात
हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने एटा-टूण्डला मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। इसके चलते करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर तीन थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और आश्वासन के बाद जाम खुलवाया जा सका।
एटा-टूण्डला मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर एटा-टूंडला मार्ग पर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। व्यस्त मार्ग और प्रमुख मोड़ों पर गति नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम किए जाने की जरूरत है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मार्ग पर भारी वाहनों की गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए, संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक स्पीड ब्रेकर एवं चेतावनी संकेतक लगाए जाएं तथा यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए।
अब सवाल यह है कि आखिर सड़क हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे? ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और परिवार को अपने बच्चे को इस तरह न खोना पड़े।


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