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चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ के असर से हुई हल्की बारिश, धान की फसल को लाभ की उम्मीद

पिछले दो दिनों से पाकुड़िया के आसमान पर छाए सफेद बादलों ने 29 अक्टूबर की संध्या को बारिश के रूप में राहत दी।

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पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड
 
पिछले दो दिनों से पाकुड़िया के आसमान पर छाए सफेद बादलों ने 29 अक्टूबर की संध्या को बारिश के रूप में राहत दी। चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ के प्रभाव से पाकुड़ जिले के पाकुड़िया प्रखंड में हुई हल्की वर्षा धान की फसल के लिए अमृत समान साबित होने की उम्मीद है। बारिश के बाद प्रखंड के किसानों के मुरझाए चेहरों पर प्रसन्नता की झलक दिखाई देने लगी है।
 
बताया जाता है कि 29 सितंबर के बाद पाकुड़िया प्रखंड में बारिश नहीं हुई थी। इसके फलस्वरूप धावाडंगाल, लागडुम सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की ऊपरी भूमि पर लगी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई थी। इस वर्ष प्रशांत महासागर में अल-नीनो के प्रभाव में वृद्धि के कारण मौसम की प्रतिकूलता का असर धान की खेती पर भी पड़ा। धान की रोपनी में देरी हुई तथा ऊपरी भूमि में पानी की कमी के कारण कई क्षेत्रों में रोपनी भी कम हुई। वहीं, 28 अक्टूबर तक बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता और बढ़ गई थी।
 
हालांकि, 29 अक्टूबर को प्रातः करीब चार बजे बूंदाबांदी हुई, जबकि संध्या में अच्छी बारिश होने से किसानों को काफी राहत मिली। इससे विशेष रूप से ऊपरी भूमि पर लगी धान की फसल के साथ सब्जी की खेती को भी लाभ होने की संभावना जताई जा रही है। प्रखंड में अत्यधिक बारिश नहीं होने के कारण फिलहाल फसलों को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं मिली है।
 
इस संबंध में प्रखंड के किसान एवं समाजसेवी हरेन्द्रनाथ मुर्मू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हल्की, लेकिन अत्यंत आवश्यक बारिश फसलों के लिए काफी लाभदायक है। इससे धान के साथ सब्जी की फसल को भी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि यदि तेज हवा के साथ अधिक बारिश होती तो फसलों को काफी नुकसान पहुंच सकता था, लेकिन वर्तमान में हुई वर्षा किसानों के लिए राहत लेकर आई है।
 
विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के बाद किसानों में काफी प्रसन्नता देखी जा रही है। दूसरी ओर, हल्की बारिश से लोगों को कड़ी धूप और गर्मी से भी राहत मिली है। बारिश के साथ हवा चलने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। गुरुवार की सुबह कई लोग चादर और स्वेटर पहने नजर आए। हल्की वर्षा से मौसम सुहाना हो गया तथा प्राकृतिक सौंदर्य में भी निखार देखने को मिला।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में 22.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। समाचार संप्रेषण तक पाकुड़िया के आसमान पर सफेद बादल छाए हुए थे और बीच-बीच में धूप भी खिल रही थी। धूप और छांव के बीच मौसम के इस बदलते मिजाज का बाल-गोपाल भी खूब आनंद लेते दिखाई दिए।
 
 

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