मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर कानपुर पुलिस का शिकंजा, 153 वाहनों के चालान

दो दिन चले विशेष अभियान में यातायात और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, अवैध हूटर व नीली-लाल बत्ती लगे वाहनों पर भी हुई सख्ती

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कानपुर। शहर में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए कानपुर कमिश्नरेट की यातायात पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अवैध हूटर के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 17 और 18 अक्टूबर को चलाए गए इस अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 153 वाहनों के चालान किए गए।
 
पुलिस उपायुक्त यातायात अभय नाथ त्रिपाठी के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और तिराहों पर वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
 
अभियान में दोपहिया वाहनों में मानक के विपरीत लगाए गए मॉडिफाइड साइलेंसर के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही ट्रकों और भारी वाहनों में लगाए गए अवैध प्रेशर हॉर्न की जांच की गई। निजी वाहनों पर अनधिकृत रूप से नीली-लाल बत्ती और हूटर लगाने वालों के खिलाफ भी सख्ती बरती गई।
 
यातायात पुलिस का उद्देश्य तेज और कर्कश आवाज करने वाले उपकरणों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना तथा सड़क पर अनुशासन सुनिश्चित करना है। मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न से आम नागरिकों, बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को परेशानी होती है। वहीं, निजी वाहनों में हूटर और प्रतिबंधित या अनधिकृत बत्तियों का इस्तेमाल यातायात नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
 
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रखा जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने वाहनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप उपकरणों का ही इस्तेमाल करें और अनावश्यक तेज आवाज करने वाले हॉर्न व मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने से बचें।

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