सोशल मीडिया पर रील के चक्कर में जान की बाजी 

सोशल मीडिया पर रातों-रात प्रसिद्ध होने और लाइक्स कटने की वजह से परेशान होकर आत्महत्या कर ली

हर्षिता यादव  Picture
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मनोज कुमार अग्रवाल 
 
सोशल मीडिया पर "रील बनाने के चक्कर में जान की बाजी" लगाना आजकल एक बेहद गंभीर और खतरनाक ट्रेंड बन चुका है। लोग इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर चंद लाइक्स, व्यूज और वायरल होने की चाह में अपनी जिंदगी को दांव पर लगा रहे हैं।आज सोशल मीडिया का जमाना है और बड़ी संख्या में युवाओं पर चर्चा में आने के लिए 'रील' बना कर सोशल मीडिया पर डालने का जुनून सवार है। सोशल मीडिया पर रातों-रात प्रसिद्ध होने और लाइक्स कटने की वजह से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
 
वीडियो बनाने के लिए चलती हुई ट्रेन के गेट पर खतरनाक डांस करना, डिब्बे के बाहर लटकना या रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर ट्रेन के सामने पोज़ देना सबसे आम और घातक हादसों की वजह बन रहा है। चलती हुई गाड़ियों या बाइकों पर स्टंट करना, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के रील बनाना। हाल ही में उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक युवती को सड़क पर खतरनाक स्टंट करने के लिए ₹16,000 का भारी चालान भी भुगतना पड़ा।ऊंचे पुलों और झरनों के पास पोज़ खतरनाक पहाड़ों, नदियों के ऊपर बने पुलों या बाढ़ के पानी के बीच रील बनाने के चक्कर में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
 
प्रशासन की कार्रवाई और चेतावनी
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस और भारतीय रेलवे लगातार लोगों को आगाह कर रहे हैं। ऐसे जानलेवा स्टंट करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है और जेल की सजा का भी प्रावधान है। आपको बता दें कि हाल ही में ऐसे कई मामलों की झड़ी लगी है जिनमे रील बनाने के चक्कर में अनेक युवा जान गंवा बैठे। 16 सितम्बर को 'पालघर' (महाराष्ट्र) में 'वैतरणा नदी' के किनारे मोबाइल से रील शूट करने के दौरान 'गीतेश पाटिल' और 'मानव राठौड़' नामक 2 दोस्तों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई।
 
4 अक्तूबर को 'फरीदाबाद' (हरियाणा) में 'सिरोही झील' के निकट रील बनाने के दौरान मोबाइल फोन के डैमेज होने को लेकर 2 दोस्तों में विवाद इस हद तक बढ़ गया कि आपसी हाथापाई में उनमें से एक युवक की जान चली गई, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी 'मुफीद' उर्फ 'मन्नू' को गिरफ्तार कर लिया।
 
8 अक्तूबर को 'पश्चिम चंपारण' (बिहार) के 'मझौलिया' गांव में अपने बड़े भाई 'हीरामन' के रील बनाने के शौक से नाराज उसके छोटे भाई 'विश्वनाथ' ने उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया और इसी झगड़े के दौरान जान बचाने के लिए भागे 'हीरामन' की जमीन पर गिर कर गंभीर रूप से घायल हो जाने के कारण मौत हो गई।9 अक्तूबर को 'बौध जिला' (ओडिशा) के 'खोरधा-बोलांगीर' रेलवे ट्रैक पर लेट कर मीडिया के लिए रील बना रहा एक लड़का अचानक आई तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई
 
9 अक्तूबर को ही जहरीले सांपों को रैस्क्यू करने और उनके साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने के लिए प्रसिद्ध 'तपन कुमार प्रधान' (28) को 'पुरी' (ओडिशा) के 'कंथापुर' गांव में एक कोबरा ने आक्रामक होकर उंगलियों, कोहनी और बाजू के ऊपरी हिस्से पर कई बार डस लिया जिससे उसकी मौत हो गई। वह अपने घर के बरामदे में बैठ कर एक खतरनाक कोबरा के साथ इंस्टाग्राम के लिए रील बना रहा था।
 
10 अक्तूबर को 'आगरा' (उत्तर प्रदेश) के 'बसई अरेला' क्षेत्र में एक छात्र निर्माणाधीन मकान में रखी शिकारी एयर गन को पकड़ कर उसके साथ रील बनाने लगा। इसी दौरान अचानक बंदूक से फायर हो गया और छर्रे लगने से युवक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।11 अक्तूबर को 'पारादीप' (ओडिशा) के समुद्र तट पर रील बनाने के दौरान 'बेगूसराय' (बिहार) से घूमने आए तीन युवक तेज लहरों की चपेट में आ जाने के परिणामस्वरूप बह गए।
 
उपरोक्त घटनाओं से स्पष्ट है कि पिछले कुछ समय के दौरान रील बनाने के रुझान और इससे होने वाली दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। इस संबंध में हम युवाओं को यही सलाह देंगे कि वे अपनी जान जोखिम में डाल कर इस प्रकार के करतब न करें क्योंकि उनकी इस तरह की भूलें उनके परिवारों को जिंदगी भर की पीड़ा दे सकती है।
 
युवाओं को लगता है कि एक रील वायरल होते ही वे रातों-रात स्टार बन जाएंगे।पीछे छूट जाने का डर दूसरों को रील बनाकर लोकप्रिय होते देख, युवा भी बिना सोचे-समझे उसी अंधी दौड़ में शामिल हो जाते हैं।स्क्रीन पर दिखने वाले 'लाइक' और 'हार्ट' युवाओं के दिमाग में एक अस्थायी खुशी पैदा करते हैं, जिसकी उन्हें लत लग जाती है।इस जानलेवा सनक को कैसे रोका जाए?माता-पिता को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि उनका बच्चा सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट कर रहा है और किस तरह के वीडियो बना रहा है।
 
पुलिस और प्रशासन को खतरनाक जगहों पर रील बनाने वालों के खिलाफ सख्त जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान मजबूत करना होगा। स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं को यह समझाने की जरूरत है कि "जान है तो जहान है", कोई भी रील आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं हो सकती। याद रखें, सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज कुछ पलों के होते हैं, लेकिन जिंदगी सिर्फ एक बार मिलती है। ऐसे किसी भी वीडियो को घर पर या कहीं भी आजमाने की कोशिश बिल्कुल न करें।

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