UPI पर MDR शुल्क टालने के फैसले का जितेंद्र चतुर्वेदी ने किया स्वागत, सरकार का जताया आभार
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल लगातार उठाता रहा है छोटे व्यापारियों के हितों की आवाज, त्योहारों में राहत मिलने से कारोबारियों में उम्मीद
बलिया। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क को दिवाली तक टालने के फैसले का फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश इकाई के प्रदेश संगठन महामंत्री जितेंद्र चतुर्वेदी ने स्वागत किया है। उन्होंने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया है।
जितेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल लगातार यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क के मुद्दे को उठाता रहा है। संगठन का मानना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, किराना कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी के व्यवसायियों के हितों की रक्षा करना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में बाजार में खरीदारी बढ़ती है। ऐसे समय में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए शुल्क लागू करने की तारीख को आगे बढ़ाने का निर्णय कारोबारियों के लिए राहत देने वाला कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार व्यापारिक संगठनों के सुझावों पर विचार करते हुए ऐसा समाधान निकालेगी, जिससे डिजिटल भुगतान की व्यवस्था भी मजबूत हो और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी न पड़े।
प्रदेश संगठन महामंत्री ने कहा कि आज छोटे व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है, लेकिन इसकी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि छोटे कारोबारियों को अनावश्यक शुल्क का सामना न करना पड़े।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर MDR शुल्क के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए और छोटे व्यापारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
जितेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल आगे भी देशभर के व्यापारियों की समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से उठाता रहेगा और व्यापारी हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।


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