कांशीराम आवास के नाम पर ‘फर्जी एलॉटमेंट’ का खेल! 70 हजार से एक लाख तक ऐंठे, इनामी भाई-बहन गिरफ्तार

जाजमऊ पुलिस का बड़ा खुलासा: फर्जी रसीद और एलॉटमेंट लेटर देकर लोगों को लगाया चूना, सर्विलांस से दबोचे गए आरोपी

हर्षिता यादव  Picture
Published On

जितेन्द्र सिंह 
 
कानपुर। कांशीराम आवास योजना में मकान दिलाने के नाम पर लोगों से हजारों रुपये की ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ जाजमऊ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में वांछित और इनामी आरोपियों सत्यम तिवारी और ओजस्वी तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों पर फर्जी रसीद और एलॉटमेंट लेटर देकर लोगों को आवास मिलने का भरोसा दिलाने और उनसे मोटी रकम वसूलने का आरोप है।
 
सहायक पुलिस आयुक्त चकेरी आशुतोष सिंह के अनुसार, वर्ष 2025 में थाना जाजमऊ में मुकदमा दर्ज हुआ था। शिकायत में सामने आया कि कांशीराम आवास योजना में मकान दिलाने के नाम पर कई लोगों से करीब 70 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक लिए गए। रकम लेने के बाद कथित रूप से उन्हें रसीद और एलॉटमेंट लेटर भी दिए गए, लेकिन जांच में ये दस्तावेज फर्जी पाए गए।
 
मामले की जांच आगे बढ़ी तो आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसी प्रकरण से संबंधित एक अन्य मुकदमा वर्ष 2026 में दर्ज किया गया, जिसमें वांछित आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस ने फरार आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया था।
 
जाजमऊ पुलिस के मुताबिक, सर्विलांस से मिली लोकेशन के आधार पर आरोपियों को गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस प्रेस नोट के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों/निर्देशों का अनुपालन किया गया तथा गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
 
आवास का सपना दिखाकर बनाया शिकार
पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों ने सरकारी आवास योजना के नाम पर चलने वाले फर्जीवाड़े की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने का भरोसा देकर उनसे दसियों हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक वसूलना और बदले में फर्जी दस्तावेज थमा देना पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कितने लोग ठगी का शिकार हुए और आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर कितनी रकम जुटाई।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें