उच्च मूल्य के विलेखों का डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता 
 
बलरामपुर।
 
स्टाम्प एवं पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और स्टाम्प शुल्क के संभावित करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने मंगलवार को उच्च मूल्य के कई विलेखों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों में दर्ज संपत्तियों की प्रकृति और मौके पर उनके वास्तविक उपयोग की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
 
जिलाधिकारी ने सदर उपनिबंधक कार्यालय के अर्द्धनगरीय क्षेत्र के ग्राम महादेव मिश्र में पंजीकृत दो उच्च मूल्य के विलेखों की मौके पर जांच की। इनमें लेखपत्र संख्या 6395/2026 की मालियत 3 करोड़ 21 लाख 57 हजार रुपये दर्ज है और संपत्ति आवासीय दर्शाई गई है। वहीं लेखपत्र संख्या 6396/2026 की मालियत 10 करोड़ 27 लाख 2 हजार रुपये है। मौके पर स्थापित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण कर जिलाधिकारी ने अभिलेखों में दर्ज विवरण और संपत्ति के वास्तविक उपयोग की स्थिति को परखा। इसके साथ ही व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स से लगे नगरीय क्षेत्र के रिहायशी मकान का भी जायजा लिया।
 
इसके बाद जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्र के मोहल्ला अचलापुर, सिविल लाइन स्थित लेखपत्र संख्या 5995/2026 का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उक्त विलेख की मालियत 4 करोड़ 73 लाख 83 हजार रुपये दर्ज है। संपत्ति में दो मंजिला रिहायशी मकान के साथ खाली भूमि शामिल है। जिलाधिकारी ने मौके की स्थिति का अवलोकन करते हुए संबंधित अभिलेखों और वास्तविक स्वरूप का मिलान किया तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बड़े विलेखों की नियमित हो जांच
 
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उच्च मूल्य के विलेखों की नियमित स्थलीय जांच कराई जाए, ताकि संपत्ति की वास्तविक प्रकृति एवं उपयोग के अनुरूप स्टाम्प शुल्क का निर्धारण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और शासन के राजस्व हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
 
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि स्टाम्प शुल्क में कमी, अभिलेखों में दर्ज विवरण और संपत्ति के वास्तविक स्वरूप में अंतर अथवा किसी अन्य अनियमितता के कारण राजस्व क्षति का मामला सामने आता है तो संबंधित प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
 
डीएम ने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों को उच्च मूल्य की संपत्तियों और विलेखों की सतत निगरानी करने तथा नियमित जांच के माध्यम से करापवंचन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एआईजी स्टाम्प सुनील कुमार समेत संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
 
 
 

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