संस्कार भारती की वार्षिक योजना बैठक में संस्कृति संरक्षण और संगठन विस्तार का संकल्प

विलुप्त होती कजरी परंपरा के पुनर्जीवन का लिया संकल्प, नए दायित्वों की घोषणा

प्रवीण तिवारी Picture
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मीरजापुर। 

रामलाल साहनी

मिर्जापुर। भारतीय कला, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प के साथ संस्कार भारती, मिर्जापुर इकाई की वार्षिक योजना बैठक शनिवार को गणेशगंज स्थित होटल सिद्धार्थ में संपन्न हुई। बैठक में काशी प्रांत की उपाध्यक्ष एवं मिर्जापुर प्रभारी विदुषी सुचरिता गुप्ता तथा विशेष अतिथि डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।

 

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कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, जिला महामंत्री शिवराम शर्मा, विदुषी सुचरिता गुप्ता एवं डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी ने माँ विंध्यवासिनी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया। संस्कार भारती गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति से सभागार भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभाव की ऊर्जा से भर उठा।

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मंत्री सोमेश्वरपति त्रिपाठी ने अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत किया। जिला महामंत्री शिवराम शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्षभर आयोजित सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं कलात्मक गतिविधियों का लेखा-जोखा रखा। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपराओं को समाज और नई पीढ़ी से जोड़ना है।

 

बैठक में संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए के.बी. पी.जी. कॉलेज के संगीत विभाग की प्रोफेसर डॉ. नम्रता मिश्रा एवं सोमेश्वरपति त्रिपाठी को उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने की घोषणा की गई। वहीं विजय द्विवेदी एवं रितेश श्रीवास्तव को कार्यकारिणी में प्रमुख सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया। नवदायित्व प्राप्त सदस्यों का उपस्थित जनों ने अभिनंदन किया।

 

विशेष अतिथि डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी ने संस्कार भारती के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कला और संस्कृति समाज की आत्मा हैं। इनके संरक्षण का दायित्व केवल कलाकारों का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। उन्होंने संगठन की आगामी गतिविधियों को और व्यापक एवं प्रभावी बनाने का आह्वान किया।

 

कजरी के पुनर्जीवन का संकल्प

 

अध्यक्षीय उद्बोधन में पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने आगामी 30 अगस्त को लायंस स्कूल में आयोजित होने वाले कजरी महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर की सांस्कृतिक पहचान और लोकजीवन की आत्मीय अभिव्यक्ति रही कजरी आज विलुप्ति के कगार पर है। संस्कार भारती इसे पुनः जनजीवन में प्रतिष्ठित करने के लिए निरंतर प्रयास करेगी।

 

उन्होंने बताया कि इस बार कजरी महोत्सव को विशिष्ट लोक-सांस्कृतिक स्वरूप दिया जाएगा। कजरी गायन में सहभागिता करने वाली महिलाएँ हरी साड़ी, हरी चूड़ियों और पारंपरिक हरे श्रृंगार के साथ लोकपरंपरा की गरिमा को साकार करेंगी।

 

काशी से विशेष रूप से उपस्थित विदुषी सुचरिता गुप्ता ने कजरी की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सावन, लोकजीवन और माटी की सुगंध को स्वर दिया। उनके गायन से सभागार में मिर्जापुर की लोकसंस्कृति की सहज मिठास और संवेदना जीवंत हो उठी।

 

बैठक में संस्कार भारती परिवार के दिवंगत सदस्यों एवं शुभचिंतकों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए शोकसभा आयोजित की गई तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए मौन रखा गया।

 

बैठक में पूर्व अध्यक्ष शंकर सोनी, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार पाहवा, पूर्व अध्यक्ष गोपाल, पूर्णिमा द्विवेदी, अश्वनी पांडेय, रामधनी पाल, राकेश वर्मा, अगस्त द्विवेदी, संजय श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, आशुतोष सोनी, डॉ. संदीप श्रीवास्तव, रमेश कुमार गुप्ता, डॉ. अरविंद अवस्थी, कृष्ण कुमार अग्रहरी, डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन एवं सदस्य उपस्थित रहे।

 

अंत में सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ बैठक का समापन हुआ। बैठक ने संस्कार भारती, मिर्जापुर इकाई के आगामी वर्ष की कार्ययोजना को दिशा देने के साथ ही मिर्जापुर की लोकधरोहर कजरी को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और उसकी खोती हुई सांस्कृतिक पहचान को पुनः प्रतिष्ठित करने का दृढ़ संकल्प दोहराया।

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