दुधवा के बाघों के संरक्षण की कहानी बयां करती है ‘टाइगर गार्डियंस ऑफ दुधवा’
.......दुधवा के बाघों और वनकर्मियों के संरक्षण प्रयासों पर आधारित पुस्तक का लखनऊ जू में हुआ विमोचन
लखनऊ। दुधवा टाइगर रिजर्व के बाघों और उनके संरक्षण में जुटे वनकर्मियों के प्रयासों को सामने लाने वाली पुस्तक ‘टाइगर गार्डियंस ऑफ दुधवा’ का मंगलवार को लखनऊ जू स्थित सारस ऑडिटोरियम में विमोचन हुआ। पुस्तक का संकलन संजय कुमार आईएएस ने किया है। इसमें दुधवा के बाघों के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और जंगल से जुड़े संरक्षण कार्यों के अनुभवों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।

पुस्तक का विमोचन वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार ने किया। राज्यमंत्री केपी मलिक विशिष्ट अतिथि रहे। विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी आईएएस, उत्तर प्रदेश वन विभाग के पीसीसीएफ एवं हॉफ सुनील चौधरी आईएफएस तथा पीसीसीएफ-सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू अनुराधा वेमुरी आईएफएस विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने दुधवा के वन्यजीवों और बाघों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाघों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने, वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की जरूरत पर जोर दिया।


वनकर्मियों के अनुभवों को मिली जगह
अनामिका प्रकाशन से प्रकाशित इस पुस्तक में दुधवा के जंगलों में बाघों के संरक्षण में योगदान देने वाले वनकर्मियों और संरक्षण से जुड़े लोगों के अनुभवों एवं कार्यों को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। पुस्तक के प्रकाशन और प्रिंटिंग कार्य में विनोद कुमार शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के सहयोगी आकाश यादव और मानस कार्तिकेय रहे। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, वन्यजीव प्रेमी, पर्यावरण से जुड़े लोग और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।


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