भगवान भक्ति और प्रेम कै भूखे हैं। दुर्योधन का मवा त्याग कर विदुर के घर भोजन किया।

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स्वतंत्र प्रभात 
 
नैनी, प्रयागराज ।
 
पीडीए कॉलोनी, नैनी स्थित एक गेस्ट हाउस में सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भागवताचार्य पं० राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने भगवान के परम भक्तों की अत्यंत सुंदर कथा सुनाई।बालक ध्रुव माता सुनीति के उपदेश से वन में जाकर कठोर तप करते हैं और भगवान विष्णु के आशीर्वाद से ध्रुव लोक प्राप्त करते हैं।महात्मा विदुर की न्याय प्रियता एवं भगवत भक्ति के कारण भगवान श्रीकृष्ण दुर्योधन की मेवा तज कर विदुर जी के घर जाकर उनके प्रेम और सादगीपूर्ण आतिथ्य को स्वीकार करते है।हिरण्यकशिपु के अत्याचार से अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु नरसिंह अवतार धारण कर हिरण्यकशिपु का संहार करते हैं।कथा में प्रमुख रूप से पूर्व पुलिस महानिरीक्षक सी पी सिंह, अवधेश पांडेय, मीडिया प्रभारी आर के शुक्ला, विनोद तिवारी, संजय चतुर्वेदी, वरिष्ठ वैदिक आचार्य पं० चंद्र प्रकाश तिवारी, सहायक वैदिक आचार्य पं० शरद शुक्ला, पं० संतोष तिवारी, भारद्वाज शुक्ला सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
 
 
 

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