वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

पूर्व पुलिस महानिरीक्षक ने वेद, पुराण और शास्त्रों का पूजन-अर्चन कर किया शुभारंभ

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स्वतंत्र प्रभात।
 
नैनी, प्रयागराज। 
 
पीडीए कॉलोनी, नैनी स्थित एक गेस्ट हाउस में शनिवार को सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व पुलिस महानिरीक्षक सीपी सिंह ने वरिष्ठ वैदिक आचार्य पं. चंद्र प्रकाश तिवारी एवं सहायक वैदिक आचार्य पं. शरद शुक्ला के निर्देशन में चारों वेद, 18 पुराणों एवं छह शास्त्रों का विधिवत पूजन-अर्चन कर किया।
 
इस अवसर पर भागवताचार्य पं. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना महर्षि वेदव्यास ने की थी। 
 
उन्होंने कथा के ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि सर्वप्रथम भगवान नारायण ने यह दिव्य ज्ञान ब्रह्मा जी को प्रदान किया। इसके बाद ब्रह्मा जी ने नारद जी को, नारद जी ने महर्षि वेदव्यास को तथा वेदव्यास जी ने अपने पुत्र शुकदेव महाराज को श्रीमद्भागवत का ज्ञान दिया।उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति, भक्ति और सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आरके पांडेय, अवधेश पांडेय, बीबी दुबे, आरके शुक्ला सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
 
 

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