नवंबर में गूंजने वाली थीं शहनाइयां, घर में पसरा मातम; सैनिक महिमन सिंह पंचतत्व में विलीन

नलई गांव में सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, जवान बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, छोटे भाई ने खोया बड़ा सहारा

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सितारगंज/नानकमत्ता। उत्तराखंड के नानकमत्ता क्षेत्र के नलई गांव से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। गांव निवासी सैनिक महिमन सिंह का सड़क हादसे में घायल होने के बाद उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देश की सेवा करने वाले जवान महिमन सिंह को पूरे हिंदू रीति-रिवाज और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

महिमन सिंह की असमय मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को गहरे दुख में बदल दिया। जिस घर में अगले महीने नवंबर में शादी की तैयारियां चलनी थीं और नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर उत्साह का माहौल होना था, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोग जिस बेटे के सिर पर सेहरा सजने का इंतजार कर रहे थे, उसी बेटे को अंतिम विदाई देनी पड़ी। इस हृदयविदारक घटना ने परिवार को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है।

माता-पिता ने खोया जवान बेटा, छोटे भाई से छिना बड़ा सहारा

सैनिक महिमन सिंह अपने परिवार के बड़े बेटे थे। उनके परिवार में माता-पिता और एक छोटा भाई है। परिवार को उनसे काफी उम्मीदें थीं। माता-पिता ने अपने लाडले बेटे को देश की सेवा के लिए समर्पित किया था और उसके भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सड़क हादसे में घायल होने के बाद उपचार के दौरान महिमन सिंह ने दम तोड़ दिया और परिवार की खुशियां हमेशा के लिए गहरे दुख में बदल गईं।

बेटे की मौत से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस बेटे को उन्होंने बड़े अरमानों के साथ पाला-पोसा और देश की सेवा करते देख गर्व महसूस किया, उसके असमय चले जाने से परिवार सदमे में है। वहीं, छोटे भाई के सिर से बड़े भाई का स्नेह, मार्गदर्शन और सहारा छिन गया। परिवार के लिए इस अपूरणीय क्षति को सहन कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
शादी की खुशियों से पहले छाया मातम
इस दुखद घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि महिमन सिंह की शादी अगले महीने नवंबर में होनी थी। घर में शादी को लेकर खुशियां मनाने की तैयारियां होनी थीं। परिवार के लोग नई बहू के स्वागत और विवाह समारोह को यादगार बनाने के सपने देख रहे थे। घर-आंगन में खुशियों की गूंज सुनाई देने का इंतजार था, लेकिन एक हादसे ने परिवार की सारी खुशियों को मातम में बदल दिया।
जिस घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब अपनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। परिवार के लिए यह दुख केवल एक सदस्य को खोने का नहीं, बल्कि उन तमाम सपनों के बिखर जाने का भी है, जिन्हें महिमन सिंह के साथ जोड़कर देखा गया था। शादी की तैयारियों के बीच आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

सैनिक महिमन सिंह का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू रीति-रिवाज और सैन्य सम्मान के साथ किया गया। देश की सेवा करने वाले जवान को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल गमगीन रहा। अपने लाडले को अंतिम विदाई देते समय परिजनों का दुख देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

महिमन सिंह के निधन से न केवल उनके परिवार, बल्कि नानकमत्ता क्षेत्र के लोगों को भी गहरा आघात पहुंचा है। नलई गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण और परिचित शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं तथा इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं।

सैनिक महिमन सिंह का असमय निधन परिवार के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। एक ओर देश की सेवा करने वाले जवान को सम्मान के साथ विदाई दी गई, तो दूसरी ओर परिवार के सपनों और खुशियों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। नवंबर में होने वाली शादी की खुशियों से पहले आई इस त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।

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