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हलिया ब्लॉक प्रमुख के गांव में विकास कार्यों की हकीकत पर उठे सवाल।
सामुदायिक शौचालय से लेकर आरआरसी सेंटर, अन्नपूर्णा भवन और अंत्येष्टि स्थल तक की स्थिति पर सवाल।
धरातल पर सरकारी योजनाएं बदहाल, ग्रामीणों को सुविधाएं मिलने का इंतजार।
मीरजापुर।
मीरजापुर। हलिया विकासखंड की ग्राम पंचायत भिटहा में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ब्लॉक प्रमुख के गांव में ही विकास कार्यों की स्थिति को लेकर चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से गांवों के विकास और आमजन को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए

विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन भिटहा गांव में इन योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय, आरआरसी सेंटर, अन्नपूर्णा भवन और अंत्येष्टि स्थल सहित विभिन्न विकास कार्यों की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बताया जा रहा है। आरोप है कि कई योजनाओं में कागजी खानापूर्ति किए जाने के बावजूद धरातल पर अपेक्षित
सुविधाएं दिखाई नहीं दे रही हैं। ऐसे में सरकारी धन से कराए गए कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच की मांग उठ सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए पंचायत स्तर पर लाखों रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्य कराए जाते हैं,
ताकि ग्रामीणों को गांव में ही आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। लेकिन यदि निर्माण कार्यों का समुचित रखरखाव और उपयोग सुनिश्चित नहीं किया जाता है, तो सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।
योजनाओं की जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति
सामुदायिक शौचालय, आरआरसी सेंटर, अन्नपूर्णा भवन और अंत्येष्टि स्थल सहित अन्य विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराया जाना आवश्यक है। साथ ही निर्माण कार्यों पर खर्च की गई धनराशि, कार्यों की गुणवत्ता और मौके पर उपलब्ध सुविधाओं का मिलान अभिलेखों से किया जाना चाहिए।
अब सवाल यह है कि जब सरकार गांवों के विकास के लिए योजनाएं चला रही है, तो ग्राम पंचायत भिटहा में इन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को किस हद तक मिल रहा है? संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच कराकर कमियों को दूर किया जाएगा या ग्रामीणों को इसी तरह समस्याओं का सामना करना पड़ेगा?


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