सिद्धार्थनगर : वीबी - जी राम जी योजना में कथित अनियमितता की जांच शुरू, अधिकारियों की ओर से जारी हुआ ग्राम रोजगार सेवकों को पत्र

परियोजनाओं पर बिना कार्य कराए क्लोन ऐप से फर्जी  हाजिरी दर्ज किए जाने का मामला

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता

सिद्धार्थनगर ।

जिले के खेसरहा ब्लॉक  के ग्राम पंचायत भगता, बरगदवा, व बढ़नी ब्लॉक के खजुरिया शर्की , अकरहरा तथा बर्डपुर ब्लॉक के  ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर 7, बर्डपुर नंबर 10, पिपरसन, सिहोरवा बुजुर्ग, पकड़ी उर्फ मुड़िला ग्राम पंचायतों में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण),  वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन को लेकर कथित अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों और कुछ मजदूरों की ओर से योजना में वास्तविक कार्य, डिमांड और हाजिरी से संबंधित प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार कुछ मामलों में परियोजनाओं पर बिना  कार्य के डिमांड दर्ज किए जाने तथा संबंधित परियोजनाओं पर बिना कार्य कराए ही मजदूरों की क्लोन ऐप से नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) के माध्यम से होने वाली हाजिरी में मजदूरों की मौके पर मौजूदगी के फर्जी तरीके से दर्ज की जाती है यहां तक जो श्रमिक देश के नगरों एवं  महानगरों में रोजी-रोटी के लिए गए हैं उनका भी नाम मास्टर रोल में चल रहा है और साथ ही साथ बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी एनएमएमएस पोर्टल पर संबंधित अधिकारियों की मिली भगत के कारण ग्राम रोजगार सेवकों द्वारा दर्ज किया जा रहा है।

संबंधित  परियोजनाओं की ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे कार्यों की सत्यापन की आवश्यकता है। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि उनके जॉब कार्ड पर उनकी जानकारी के बिना काम दर्ज किए जा रहे है।

धन आने के बाद चंद रुपए देकर पुनः वापस ले लिया जाता है।स्थानीय स्तर पर इस मामले में संबंधित कर्मचारियों और पंचायत स्तर की व्यवस्था की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजनाओं में दर्ज डिमांड, मस्टर रोल, NMMS फोटो और भुगतान का मिलान कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

नई व्यवस्था में ग्रामीण परिवारों को वित्तीय वर्ष में 125 दिन के रोजगार की गारंटी का प्रावधान है। हाजिरी दर्ज करने के लिए मोबाइल आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने तकनीकी माध्यम से दर्ज हाजिरी की भी जांच कराने की मांग की है। मामले को लेकर संबंधित जी-राम-जी योजना के  आयुक्त  लखनऊ से उच्चस्तरीय जांच की मांग की  है। मांग है कि ग्राम पंचायत बर्डपुर  नंबर 7 बर्डपुर नंबर 10  पिपरसन और पकड़ी उर्फ मुड़िला की चल रही परियोजनाओं  के  फोटो, डिमांड, मस्टर रोल, जॉब कार्ड और भुगतान संबंधी अभिलेखों का मिलान कराया जाए तथा आवश्यकता होने पर परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन कराया जाए। तो उक्त ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का एक बहुत बड़ा खुलासा होगा । 


 क्या कहते हैं अधिकारी

इस संबंध में डीसी वीबी-जी राम जी  संदीप सिंह का कहना है कि  ग्राम  बर्डपुर पंचायत नंबर 7 , बर्डपुर नंबर 10 , सिहोरवा बुजुर्ग और पिपरसन में बिना कार्य के श्रमिकों की फर्जी हाजिरी क्लोन ऐप पोर्टल पर दर्ज हो रही है तो बहुत ही गंभीर मामला है । हालांकि क्लोन एप फर्जी हाजिरी लगाने के मामले को लेकर खण्ड विकास अधिकारी द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों को पत्र जारी किया गया है। 


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