#भ्रष्टाचार

सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार: जनहित की योजनाओं पर भारी पड़ती व्यवस्था

सरकारी दफ्तरों में फैला भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही है। सरकारें बदलतीं हैं अफ़सर बदलते हैं लेकिन भ्रष्टाचार जस का तस खड़ा रहता है और आम आदमी बिना लिए दिये काम करवाने में असमर्थ दिखाई देता है। सरकारें...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

भट्टे की राख से हो रहे हैं ग्राम पंचायतों में विकास, लाखों के भुगतान

हरीश कुमार चौधरी     सिद्धार्थनगर। जिले के 14  विकास खण्डों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में भट्टे की राख (राबिस) द्वारा विकास कार्य के नाम पर बड़ा पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है जिसको लेकर जनपद स्तर सहित विभिन्न स्तरों पर...
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भ्रष्टाचार: सरकार की जड़ों में गरम पानी

Rajeev Shuklaभ्रष्टाचार किसी भी सरकार के लिए केवल आर्थिक नुकसान का विषय नहीं है। यह धीरे-धीरे उस भरोसे को खोखला करता है, जिस भरोसे के आधार पर जनता सरकार और उसकी संस्थाओं को स्वीकार करती है। सड़क बनाने...
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