मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद कानपुर नगर निगम के ठेकेदारों पर चला हंटर, पांच एफआईआर, दो गिरफ्तार
नगर निगम के ठेकों में होगी अब ई- टेंडरिंग, पुरानी प्रक्रिया समाप्त
कानपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानपुर नगर निगम पर सख्ती के बाद नगर निगम में अवैध वसूली, डराने-धमकाने एवं ठेकों में अनियमितता के संबंध में अब तक कुल छ: अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। दो अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अभियुक्त गोविंद शर्मा फरार है, जिसकी लोकेशन राजस्थान में मिली है। शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि जांच में ठेकों को प्रभावित करने, ठेकेदारों पर दबाव बनाने एवं अवैध वसूली के तथ्य सामने आए हैं। नगर निगम की पुरानी ठेका प्रक्रिया समाप्त कर अब लंबित एवं आगामी कार्यों में ऑनलाइन ई-टेंडरिंग अपनाई जाएगी। लगभग ₹100 करोड़ के टेंडर निरस्त कर शीघ्र रिटेंडरिंग की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रकरण में संबंधित फर्मों, बैंक खातों एवं वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है तथा लगभग सात फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच होगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री जी की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रकरण में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह पूछे जाने के बाद कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद यह एक्शन लिया गया है तो पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने कहा कि नगर आयुक्त द्वारा यह जांच पहले से चलाई जा रही थीं लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद इसमें तेजी आई है। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति है इसलिए किसी भी दबंग, माफिया और भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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