पंखुडी टेलीकाम एण्ड कम्प्यूटर्स की दुकान के फर्जी फर्म पर धड़ल्ले से सचिव विवेक कुमार कर रहे सरकारी भुगतान- सूत्र

बस्ती जिले केविकास खण्ड बहादुर में तैनात सचिव विवेक कुमार के लूट - खसोट का धीरे - धीरे पर्दाफाश हो रहा है । *नौकरी चली जाए लेकिन कमीशन न छूटे* की नीति पर सचिव विवेक कुमार कार्य कर रहे हैं । 

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बस्ती। बस्ती जिले केविकास खण्ड बहादुर में तैनात सचिव विवेक कुमार के लूट - खसोट का धीरे - धीरे पर्दाफाश हो रहा है । *नौकरी चली जाए लेकिन कमीशन न छूटे* की नीति पर सचिव विवेक कुमार कार्य कर रहे हैं । 
 
सूत्रों की माने तो सचिव विवेक कुमार अपने अधीन 10 ग्राम पंचायतों में पंखड़ी नामक फर्जी फर्म फीड करवाया है और उसी फर्जी फर्म पर 10 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों के नाम पर ग्राम प्रधान की मिलीभगत करके फर्जी तरीके से सरकारी खाते से भुगतान कराते हैं एवं ग्राम प्रधान सचिव व पंखड़ी दुकानदार आपस में सरकारी धन को बांट लेते हैं ।
 
आपको बता दें कि पंखुड़ी टेलीकाम एण्ड कम्प्यूटर्स की दुकान फुटहिया - कलवारी मार्ग पर निकट - बेइली चौराहे पर स्थित है । पंखुड़ी टेलीकाम की दुकान आनलाइन की दुकान है और पंखुड़ी टेलीकाम ने पंखुड़ी के नाम से फर्जी फर्म बनवाया है जिस फर्म के नाम से पंखुड़ी के पास फर्म है उस फर्म से संबंधित सामाग्री की एजेन्सी पंखुड़ी के पास नही है । जब सामाग्री की एजेन्सी ही नही है तो कैसे ? बिना एजेन्सी के सामाग्री के नाम से 10 ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपए का भुगतान हो गया है जो एक जांच का विषय बना हुआ है । विवेक कुमार के द्वारा फर्जी फर्म के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान करने में ग्राम प्रधान, एडीओ पंचायत व खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर की भूमिका अहम है । सचिव विवेक कुमार का मुख्य उद्देश्य किसी भी तरीके से सरकारी खजाने को लूटना है । सचिव विवेक कुमार पंचायत भवन पर लगे कम्प्यूटर सिस्टम से भुगतान करने के बजाए पंखुड़ी की दुकान से हमेशा भुगतान करते हैं जिसकी जांच कभी भी किसी भी अधिकारी द्वारा की जा सकती है अर्थात् 10 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन पर लगे सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि की जा सकती है और वर्तमान समय में पंखुड़ी टेलीकाम की दुकान पर 10 ग्राम पंचायतों को मिलाकर सैकड़ों फाइल पड़ी हुई है ।
    सूत्रों की माने तो सचिव विवेक कुमार के अधीन 10 ग्राम पंचायतों में हुए भुगतान फर्म की यदि निष्पक्ष जांच हो जाएं तो सचिव विवेक कुमार समेत अन्य कई जिम्मेदार सलाखों के पीछे होगें । यदि सचिव विवेक कुमार के घोटाले की जांच कर कार्यवाही नहीं हुई तो आगे भी ऐसे ही सरकारी खजाने को लूटने में सचिव विवेक कुमार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे और भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ता जायेगा तब ग्राम पंचायतों का विकास होने के बजाए ग्राम प्रधानों का विकास होगा । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने बताया कि मामला गंभीर है लेकिन जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी ।
 
 

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