करहली खुर्द में जला ट्रांसफार्मर बना आफत, अंधेरे में डूबा गांव; किसानों की फसलें बर्बादी के कगार पर

बस्ती जिले के करहली खुर्द गांव में पिछले कई दिनों से बिजली का ट्रांसफार्मर फूंका पड़ा है, लेकिन विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद से जागने को तैयार नहीं हैं।

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बस्ती। बस्ती जिले के करहली खुर्द गांव में पिछले कई दिनों से बिजली का ट्रांसफार्मर फूंका पड़ा है, लेकिन विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद से जागने को तैयार नहीं हैं। गांव में लगातार कई दिनों से पसरे अंधेरे के कारण ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। बिजली आपूर्ति ठप होने से न सिर्फ लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है, बल्कि सिंचाई के अभाव में किसानों की लहलहाती फसलें सूखकर बर्बाद हो रही हैं।
जेई की लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
 
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर जलने की सूचना और लिखित शिकायत स्थानीय जूनियर इंजीनियर (जेई) से कई बार की जा चुकी है। हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है, लेकिन धरातल पर अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया। बिजली विभाग की इस घोर अनदेखी और हीलाहवाली के चलते क्षेत्र के उपभोक्ताओं में विभाग के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश पनप रहा है।
सिंचाई ठप, किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट
 
फसलों की सिंचाई के लिए इस वक्त पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन गांव में बिजली न होने के कारण नलकूप और समरसेबल शो-पीस बने हुए हैं। खेतों तक पानी न पहुंचने से फसलें दम तोड़ रही हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न मिलने से पीने के पानी और बच्चों की पढ़ाई पर भी गहरा असर पड़ रहा है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
 
करहली खुर्द के पीड़ित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने तथा गांव में नया ट्रांसफार्मर लगवाकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया, तो वे सब एकजुट होकर बिजली दफ्तर का घेराव और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
 
 

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