राशनकार्ड धारकों को खाद्यान्न प्राप्त करने हेतु मोबाइल खरीदने की आवश्यकता नहीं- जिला पूर्ति अधिकारी
पात्र लाभार्थी निःशुल्क खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित न रहे, इसके लिए विभाग द्वारा मोबाइल ओ०टी०पी० आधारित वितरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
जिला पूर्ति अधिकारी, सोनभद्र ध्रुव गुप्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि उत्तर प्रदेश में राशनकार्ड लाभार्थियों को उचित दर दुकानों पर स्थापित ई-वेइंग स्केल से लिंक ई-पॉस मशीनों पर आधार प्रमाणीकरण कराकर निःशुल्क खाद्यान्न वितरित कराया जाता है। आधार प्रमाणीकरण हेतु ई-पॉस मशीन पर लाभार्थी का बायोमेट्रिक कैप्चर किया जाता है, जिसका मिलान यू०आई०डी०ए०आई० सर्वर से किया जाता है।

मिलान सफल होने पर आधार प्रमाणीकरण दर्ज कर लाभार्थी को उसके राशनकार्ड पर अनुमन्य खाद्यान्न ई-वेइंग स्केल पर तौलकर उपलब्ध कराया जाता है। यदि बायोमेट्रिक मिलान असफल रहता है, तो लाभार्थी को उसी दिन दो बार और बायोमेट्रिक कैप्चर कराने की सुविधा उपलब्ध रहती है। तीनों बार मिलान असफल होने पर आइरिस स्कैन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण का प्रयास किया जाता है। यदि तीन बार बायोमेट्रिक कैप्चर एवं एक बार आइरिस स्कैन का मिलान सफल नहीं होता है, तो राशनकार्ड में सम्मिलित कोई अन्य सदस्य निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर अनुमन्य खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की मूल भावना के अनुरूप कोई भी पात्र लाभार्थी निःशुल्क खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित न रहे, इसके लिए विभाग द्वारा मोबाइल ओ०टी०पी० आधारित वितरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह सुविधा ऐसे राशनकार्ड लाभार्थियों के लिए है, जो वृद्धावस्था, दिव्यांगता अथवा कुष्ठ रोग आदि के कारण बायोमेट्रिक एवं आइरिस स्कैन कराने में असमर्थ हैं।
ऐसे लाभार्थियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक वितरण चक्र के अंतिम दिवस में मोबाइल ओ०टी०पी० आधारित खाद्यान्न वितरण कराया जाता है। जिन राशनकार्ड धारकों का किसी भी दशा में आधार प्रमाणीकरण नहीं हो पाता है, उनके द्वारा स्वयं खाद्य एवं रसद विभाग के विभागीय पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर ओ०टी०पी० आधारित वितरण हेतु पंजीकृत कराया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने जनपद सोनभद्र के समस्त अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी योजना के कार्डधारकों को सूचित किया है कि खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए किसी भी लाभार्थी को मोबाइल खरीदने की आवश्यकता नहीं है। ओ०टी०पी० आधारित वितरण की सुविधा केवल ऐसे राशनकार्ड धारकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध कराई गई है, जिनका किसी भी दशा में आधार प्रमाणीकरण संभव नहीं है तथा जिनका मोबाइल नंबर विभागीय पोर्टल पर पहले से ही ओ०टी०पी० आधारित वितरण हेतु पंजीकृत है।
यह व्यवस्था प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से लगातार जारी है और कोई नई व्यवस्था नहीं है। माह सितंबर 2026 में प्रदेश में कुल 3,41,69,420 राशनकार्डों पर खाद्यान्न वितरण हुआ, जिसमें मात्र 83,093 राशनकार्डों पर ओ०टी०पी० आधारित वितरण किया गया, जो कुल ट्रांजेक्शन की संख्या के सापेक्ष नगण्य है। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि किसी भी राशनकार्ड धारक को खाद्यान्न प्राप्त करने हेतु मोबाइल खरीदने की आवश्यकता नहीं है।


Comments