दिल्ली में आप का प्रदर्शन, केजरीवाल बोले- हर रोक वाली जगह बनेगा जंतर-मंतर
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आप का प्रदर्शन, पार्टी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले शनिवार को दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद केजरीवाल ने हिरासत से ही देशभर के लोगों से दिल्ली पहुंचने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर उसी स्थान पर धरना शुरू करने की अपील की।
केजरीवाल ने कहा कि कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर देश के युवा और आम नागरिक अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने लोगों से घरों से निकलकर दिल्ली आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग बस, ट्रेन, स्कूटर, हवाई जहाज या पैदल जिस तरह संभव हो, दिल्ली पहुंचें। यदि पुलिस उन्हें रास्ते में रोकती है तो वहीं धरने पर बैठकर उस स्थान को जंतर-मंतर बना दें। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर उठ रही आवाज को दबाना चाहती है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
आवास के बाहर पुलिस तैनाती पर आप ने जताया विरोध
आप के मुताबिक, केजरीवाल अपने परिवार के साथ जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। पार्टी का आरोप है कि उनके आवास से निकलने से पहले ही पुलिस ने आसपास घेराबंदी कर दी। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। आप ने यह भी दावा किया कि उसके राष्ट्रीय कार्यालय पर पुलिस ने ताला लगा दिया और बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी।
पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि कार्यकर्ताओं को अपने राष्ट्रीय संयोजक के आवास और कार्यालय तक पहुंचने से क्यों रोका जा रहा है। आप ने पुलिस की कार्रवाई को प्रदर्शन में बाधा डालने वाला कदम बताया। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
संजय सिंह ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मुद्दा उठाया
आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था असाधारण रूप से कड़ी कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली आने वाली ट्रेनों को भी रोका गया और प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने से रोका जा रहा है।
संजय सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों की आवाज दबाने की कोशिश से असंतोष बढ़ सकता है।
सौरभ भारद्वाज ने केजरीवाल के साथ दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के दौरान केजरीवाल के साथ हाथापाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे युवा अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। भारद्वाज ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
आतिशी ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने दावा किया कि प्रदर्शन को देखते हुए 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और 45 हजार पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए। उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों को एहतियातन हिरासत में लेने और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने का भी आरोप लगाया।
आतिशी ने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने पर केजरीवाल को हिरासत में क्यों लिया गया। हालांकि, मेट्रो स्टेशनों, जवानों की संख्या, हिरासत और इंटरनेट सेवाओं से संबंधित इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
गोपाल राय और संजीव झा ने भी की आलोचना
आप के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने आरोप लगाया कि दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात बना दिए गए हैं और छात्र-युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी विरोध जारी रखेगी। वहीं, बुराड़ी के विधायक संजीव झा ने भी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
आप नेताओं ने दावा किया कि वामपंथी संगठनों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया है। पार्टी के अनुसार, सुबह से ही कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा था।
कथित वोट चोरी के आरोप और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग इस राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं। आप नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, लगाए गए आरोपों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दावों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।


Comments