नगर पंचायत पथरदेवा में ठेकेदारों पर हमले का आरोप,  भीड़ ने लाठी-डंडों और हथियारों से किया हमला

जिले के पथरदेवा नगर पंचायत में तीन दिनों से चर्चित टेंडर विवाद को लेकर दो पक्षो में आपसी घमासान मचा हुआ है।

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देवरिया। जिले के पथरदेवा नगर पंचायत में तीन दिनों से चर्चित टेंडर विवाद को लेकर दो पक्षो में आपसी घमासान मचा हुआ है। मामले में ठीकेदार कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष व भाजपा नेता संजय तिवारी ने शनिवार को शहर के एक प्रतिष्ठान में मीडिया से मुख़ातिब होते हुए अपना पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि योजनाओं के तहत ठेकेदारी का कार्य करने वाले करुणेश मिश्रा, धीरज सिंह, विकास मणि व गंगेश्वर मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर को तहरीर दिया व घटना के सम्बन्ध में बताया कि 40 से 50 लोगों की भीड़ द्वारा हम सभी को लाठी-डंडे, लोहे की रॉड, धारदार हथियार, बंदूक और पिस्टल लेकर हमला करने तथा जान से मारने की धमकी दी गयी। पीड़ित पक्ष का दावा है कि हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग भी की, जिसके बाद वे किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से भागे। मामले में पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
 
**ईओ कार्यालय के बाहर दो घंटे तक इंतजार करने का दावा**
 
संजय तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक बताया गया कि हम सरकारी योजनाओं के तहत ठेकेदारी का कार्य करते हैं। इसी सिलसिले में 8 अक्टूबर 2026 की शाम करीब छह बजे उनकी पथरदेवा के ईओ हिमांशु प्रताप सिंह से फोन पर कार्य की प्रगति को लेकर बातचीत हुई। आरोप है कि इसके बाद ईओ के कहने पर प्रार्थी अपने सहयोगियों के साथ देवरिया से पथरदेवा पहुंचे।
 
प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि ईओ कार्यालय के बाहर काफी देर तक इंतजार करने के दौरान अधिकारी ने स्थानीय चेयरमैन कमलेश सिंह उर्फ क्रांति सिंह से मिलकर आने की बात कही। इस पर प्रार्थी पक्ष ने अधिकारी से ही निर्णय और निस्तारण करने का आग्रह किया। आरोप है कि इस बात पर अधिकारी नाराज हुए, लेकिन प्रार्थी और उसके सहयोगियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और वहीं प्रतीक्षा करते रहे।
 
**हथियारों से लैस भीड़ के पहुंचने का आरोप**
 
ठीकेदार करुणेश मिश्रा ने बताया कि करीब दो घंटे बाद सामने से 40 से 50 लोगों की भीड़ आती दिखाई दी। भीड़ में शामिल लोगों के पास लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियार थे, जबकि आगे चल रहे कुछ लोगों के हाथों में बंदूक और पिस्टल दिखाई दे रही थीं। आरोप है कि भीड़ ने गाली-गलौज करते हुए जान-माल की धमकी दी और पकड़ो-पकड़ो का शोर मचाते हुए उनकी ओर बढ़ने लगी।
 
 यह भी आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान दूसरी दिशा से ईओ की गाड़ी से कुछ लोग हथियार लेकर उतरे और चेयरमैन की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। खुद को घिरा देखकर प्रार्थी और उसके सहयोगियों ने वहां से भागने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग की गई। किसी तरह जान बचाकर सभी लोग अपने-अपने घर पहुंचे।
 
**पुलिस अधीक्षक से एफआईआर दर्ज करने की मांग**
 
उक्त ठीकेदारों ने बताया कि घटना की सूचना मोबाइल फोन के माध्यम से थाना तरकुलवा पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को लिखित प्रार्थना पत्र देकर मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने तथा आरोपियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
 
फिलहाल, प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
 
 

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