जाजमऊ पुल के डायवर्जन से संकरे रास्तों पर बढ़ा भारी वाहनों का दबाव

जाजमऊ पुल पर मरम्मत कार्य के चलते लखनऊ-कानपुर मार्ग पर भारी वाहनों के लिए तीन माह का डायवर्जन लागू किए जाने के बाद अब ग्रामीण इलाकों के संकरे मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है।

Abhinav Shukla Picture
Published On

उन्नाव। जाजमऊ पुल पर मरम्मत कार्य के चलते लखनऊ-कानपुर मार्ग पर भारी वाहनों के लिए तीन माह का डायवर्जन लागू किए जाने के बाद अब ग्रामीण इलाकों के संकरे मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। टोल बचाने और शॉर्टकट के चक्कर में कई भारी वाहन निर्धारित मार्ग के बजाय पतले और संकरे ग्रामीण रास्तों से गुजर रहे हैं। इससे गांवों में आए दिन जाम के हालात बन रहे हैं और ग्रामीणों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
 
ग्रामीणों के मुताबिक भारी वाहनों के लिए पुरवा-मौरावां होकर लखनऊ जाने का मार्ग उपलब्ध है, लेकिन बड़ी संख्या में वाहन चालक शॉर्टकट के लिए पुरवा, मिर्री, लालाखेड़ा, सहरावां होते हुए सोहरामऊ अथवा बनी की ओर निकल रहे हैं। यह मार्ग कई स्थानों पर सिंगल और बेहद संकरा है। ऐसे में आमने-सामने भारी वाहन आने पर जाम लग जाता है।
 
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क कई स्थानों पर धंसने लगी है। इसके अलावा आए दिन पशुओं और राहगीरों के दुर्घटना की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या लगातार बढ़ने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से भारी वाहनों के अनियंत्रित आवागमन को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
 
ग्रामीणों ने मांग की है कि डायवर्जन के दौरान भारी वाहनों के लिए निर्धारित मार्ग का कड़ाई से पालन कराया जाए और संकरे ग्रामीण मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग व पुलिस व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो सड़कों की स्थिति और खराब होने के साथ किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें