धूमधाम और भक्तिभाव के साथ निकली मां दुर्गा की विसर्जन यात्राएं

उतरौला, पचपेड़वा, गैसड़ी और तुलसीपुर सहित पूरे जिले में जयकारों के बीच मां को दी गई भावभीनी विदाई

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता 
 
रमेश कुमार यादव 
 
बलरामपुर।
 
शारदीय नवरात्र के नौ दिवसीय पूजन-अर्चन के समापन पर बलरामपुर जिले के विभिन्न नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ निकाली गईं। उतरौला, पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और मां के जयकारों के बीच मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। विसर्जन यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी आस्था और भक्ति का परिचय दिया।
 
नवरात्र के दौरान पूजा-पंडालों में नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करने वाले भक्तों ने विसर्जन के दिन भी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया। विभिन्न स्थानों पर सजी मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाओं के साथ भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवाओं ने नृत्य किया, वहीं जगह-जगह श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाकर उत्सव की खुशियां साझा कीं।
 
उतरौला में निकली भव्य विसर्जन शोभायात्रा
 
उतरौला नगर में अष्टभुजी मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के लिए भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नगर के प्रमुख श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे से शुरू हुई यात्रा निर्धारित मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। शोभायात्रा राजा मस्जिद, बस स्टॉप, छोटी मस्जिद, ज्वाला महारानी मंदिर और गोंडा मोड़ से होकर गुजरी। नगर पालिका परिषद उतरौला के अध्यक्ष प्रतिनिधि अनूप चंद्र गुप्ता सहित अन्य प्रमुख लोगों ने आयोजन में सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी के घाट पर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती के बाद मां की प्रतिमा का विसर्जन किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा और निगरानी में ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया गया।
 
पचपेड़वा, गैसड़ी और तुलसीपुर में भी उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
 
पचपेड़वा, गैसड़ी और तुलसीपुर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। विभिन्न पूजा समितियों की ओर से प्रतिमाओं के साथ शोभायात्राएं निकाली गईं। नगरों और गांवों में मां के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
 
विसर्जन यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि, क्षेत्र की उन्नति, समाज में शांति और खुशहाली की कामना की। कई स्थानों पर पूजा-अर्चना और आरती के बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। मां को विदाई देते समय श्रद्धालुओं में भक्ति के साथ भावुकता भी देखने को मिली। भक्तों ने अगले वर्ष फिर से मां के आगमन की कामना करते हुए जयकारे लगाए।
 
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा सतर्क
 
विसर्जन कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई। जुलूस मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ और यातायात व्यवस्था पर नजर रखी गई। प्रशासन की सतर्कता के बीच धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रयास किए गए।
 
जिले भर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही शारदीय नवरात्र के धार्मिक आयोजनों का समापन हो गया। भक्ति गीतों, जयकारों और श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। मां दुर्गा को विदाई देते हुए भक्तों ने प्रार्थना की कि माता रानी सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखें तथा अगले वर्ष फिर से उनके आगमन से घर-आंगन और पूजा-पंडाल भक्तिमय हो उठें।
 
 

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